
जमशेदपुर: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा देश भर में चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नार्कोस’ (Operation NARCOS) के तहत टाटानगर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ी और अहम सफलता हाथ लगी है। आरपीएफ टाटानगर और जीआरपी (GRP) टाटानगर की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक गांजा तस्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक के पास से लगभग 15 किलो अवैध गांजा बरामद किया गया है। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों में भारी हड़कंप मच गया है।
ओडिशा के संबलपुर से बिहार के बेतिया ले जाने की थी तैयारी
आरपीएफ और जीआरपी द्वारा की गई पूछताछ में गिरफ्तार युवक की पहचान 20 वर्षीय राहुल यादव के रूप में हुई है, जो बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के बेतिया का रहने वाला है। तस्कर ने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि वह यह गांजा ओडिशा के संबलपुर से लेकर आया था और इसे बड़ी चालाकी से ट्रेन के माध्यम से अपने गृह जिले बेतिया (बिहार) ले जाने की फिराक में था। लेकिन इससे पहले कि वह अपने मंसूबों में कामयाब हो पाता, संयुक्त टीम ने स्टेशन परिसर में ही उसे दबोच लिया।
गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने बिछाया जाल
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (आरपीएफ चक्रधरपुर मंडल) और पुलिस अधीक्षक रेल जमशेदपुर के कड़े मार्गदर्शन में रेलवे परिसरों में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आरपीएफ और जीआरपी को गुप्त सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर स्टेशन परिसर में सघन जांच अभियान चलाया गया। जांच के दौरान जब एक संदिग्ध युवक को रोककर उसके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। इस पूरे अभियान का कुशल नेतृत्व आरपीएफ के एएसआई बलबीर प्रसाद ने किया।
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एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज, तस्करों के नेटवर्क की हो रही जांच
बरामद 15 किलो गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तार आरोपी राहुल यादव को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रेल थाना टाटानगर के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। रेलवे सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस अब आरोपी के मोबाइल कॉल डिटेल्स, उसके संपर्क सूत्रों और तस्करी के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुट गई हैं, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों को भी पकड़ा जा सके। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और परिसरों को नशा मुक्त रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।


