
Jamshedpur News: जमशेदपुर के मानगो वासियों को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए निर्माणाधीन ओवरब्रिज परियोजना को लेकर प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। जमशेदपुर के उपायुक्त राजीव रंजन ने मानगो में चल रहे ओवरब्रिज निर्माण कार्य का धरातल पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति, तकनीकी बारीकियों और तय समय-सीमा (Timeline) के भीतर काम पूरा करने की समीक्षा की। उपायुक्त ने साफ कर दिया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त राजीव रंजन ने कार्यस्थल पर मौजूद कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधियों और संबंधित अभियंताओं (Engineers) से अब तक हुए काम का पूरा ब्योरा लिया। उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता (Quality Control) की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ सुरक्षा मानकों (Safety Standards) का शत-प्रतिशत पालन होना चाहिए ताकि कार्यस्थल पर कोई दुर्घटना न हो।
आम जनता के लिए ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था
मानगो चौक और आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले जाम को देखते हुए उपायुक्त ने यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि मानगो ओवरब्रिज शहर की लाइफलाइन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। निर्माण कार्य के कारण आम जनता को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी ट्रैफिक डायवर्जन (Traffic Diversion) प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) को यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करने की बात कही।
लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी
उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण स्थल की चौबीसों घंटे और नियमित मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम न होने या किसी भी प्रकार की लापरवाही और शिथिलता पाए जाने पर संबंधित एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान ये आला अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ धालभूम के एसडीएम अर्नव मिश्रा, कार्यपालक अभियंता दीपक सहाय, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) धनंजय और निर्माण एजेंसी के मुख्य प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ काम की गति को और तेज करने का जिम्मा सौंपा गया है।


