
जमशेदपुर। भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास के पावन पर्व रक्षाबंधन को इस वर्ष और भी खास तथा यादगार बनाने के लिए भारतीय डाक विभाग द्वारा एक शानदार पहल की जा रही है। डाक विभाग की ओर से आगामी रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में ‘राखी बनाओ प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है। इसी सिलसिले में साकची स्थित प्रतिष्ठित सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (गर्ल्स) में एक अहम चर्चा की गई। इस दौरान विद्यालय की शिक्षिका श्वेता से विशेष तौर पर मुलाकात कर प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत बातचीत हुई और स्कूल परिसर में छात्राओं के बीच इस प्रतियोगिता को आयोजित करने का निवेदन किया गया।


छात्राओं की रचनात्मकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मिलेगा बढ़ावा
इस अनूठी प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्राओं के भीतर छिपी रचनात्मक कला को उभारना और उन्हें अपनी जड़ों व सांस्कृतिक मूल्यों से गहराई से जोड़े रखना है। सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस (गर्ल्स), साकची में हुई इस मुलाकात के दौरान शिक्षिका श्वेता ने डाक विभाग और भारत सरकार की इस विशेष पहल की खुलकर सराहना की। उन्होंने माना कि आज के समय में ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों के मानसिक और कलात्मक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
आधुनिक दौर में भावनात्मक जुड़ाव मजबूत करने का सार्थक प्रयास
चर्चा के दौरान शिक्षिका श्वेता ने इस पहल के भावनात्मक पहलू पर जोर देते हुए कहा, “डाक विभाग का रक्षाबंधन के अवसर पर यह प्रयास बेहद सराहनीय और प्रशंसनीय है। आज के आधुनिक दौर में जहाँ दूरियों और डिजिटल माध्यमों के कारण भाई-बहन के बीच का वह पारंपरिक और भावनात्मक जुड़ाव कुछ कम होता दिख रहा है, ऐसे में यह प्रतियोगिता बहुत खास मायने रखती है। जब बहनें अपने हाथों से पूरे प्यार और मेहनत से राखी बनाकर अपने भाइयों को डाक के माध्यम से भेजेंगी, तो इससे बहनों के मन में अपने भाइयों के प्रति विशेष लगाव और स्नेह गहरा होगा।”
READ MORE :Jamshedpur News: खेत में उतरीं MLA पूर्णिमा दास साहू, महिलाओं संग की धान रोपनी
हाथों से बनी राखी भाइयों को देगी अपार खुशी
उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जब मीलों दूर बैठे भाई अपनी बहनों के हाथों से बनी यह प्यार भरी राखी डाक से प्राप्त करेंगे, तो उन्हें जो अपार खुशी महसूस होगी, उसकी तुलना किसी भी बाजारू राखी से नहीं की जा सकती। यह केवल एक धागा नहीं, बल्कि भावनाओं का एक मजबूत संदेश होगा। शिक्षिका श्वेता ने इस सुंदर और सार्थक पहल के लिए डाक विभाग एवं भारत सरकार को हार्दिक धन्यवाद दिया। आयोजकों और विद्यालय प्रबंधन का भी मानना है कि इस प्रतियोगिता से न केवल बच्चों में कला का विकास होगा, बल्कि भारतीय डाक की प्रासंगिकता से नई पीढ़ी भी भली-भांति परिचित हो सकेगी।


