
जमशेदपुर।
बदलते समय के साथ शिक्षा के तौर-तरीकों को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) जमशेदपुर ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (MoE) के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए, संस्थान में एक विशेष पांच दिवसीय फैकल्टी अपग्रेडेशन प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है। डायरेक्टर गौतम सूत्रधार की देखरेख में चल रहे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संस्थान की शैक्षणिक क्षमता और फैकल्टी की मेंटरिंग स्किल्स को मजबूत करना है।

READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS: साकची में बंगाल सिल्क फेस्टिवल सेल शुरू, 10% की विशेष छूट पर खरीदें साड़ियां
छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और समावेशी शिक्षा पर जोर
इस पांच दिवसीय प्रोग्राम को विशेष रूप से छात्रों की मेंटरिंग, उनके साइकोसोशल वेल-बीइंग (मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य), बेहतर काउंसलिंग सपोर्ट सिस्टम और नतीजे पर आधारित शिक्षा (आउटकम-बेस्ड एजुकेशन) पर केंद्रित किया गया है। इसके जरिए फैकल्टी को ऐसे एकेडमिक तौर-तरीकों से लैस किया जा रहा है, जो सभी छात्रों को साथ लेकर चलने वाले और बेहद समावेशी हों।
चौथे दिन ऑनलाइन मोड में हुए तीन महत्वपूर्ण सेशन
कार्यक्रम के चौथे दिन, 19 जून 2026 को ऑनलाइन मोड में विशेष लेक्चर सीरीज का आयोजन किया गया। इस सत्र की अध्यक्षता डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) और रजिस्ट्रार (प्रभारी) सरोज कुमार सारंगी तथा डीन (फैकल्टी वेलफेयर) दिलीप कुमार यादव ने संयुक्त रूप से की। इस दिन मुख्य रूप से पढ़ाने में डिजिटल इनोवेशन, रिसर्च सुपरविजन और कैंपस में सकारात्मक माहौल बनाने जैसे तीन महत्वपूर्ण विषयों पर एक्सपर्ट्स ने अपनी बातें रखीं।
AI और ई-लर्निंग से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर
डिजिटल पेडागोजी और AI: पहले सेशन में कल्याणी गोखले ने “डिजिटल पेडागोजी – AI-बेस्ड ई-लर्निंग” विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने आधुनिक शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्रांतिकारी भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही, टेक्नोलॉजी से लैस क्लासरूम में छात्रों की भागीदारी बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए बेहतर नतीजे हासिल करने की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
रिसर्च और स्कॉलर मैनेजमेंट: दूसरा सेशन अभिजीत सिंह द्वारा “रिसर्च सुपरविजन और स्कॉलर मैनेजमेंट” पर लिया गया। उन्होंने असरदार रिसर्च सुपरविजन, स्कॉलर्स की सही मेंटरिंग और गाइड-स्कॉलर के बीच अच्छे संबंध बनाए रखने के बेहतरीन तरीकों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी, ताकि उच्च गुणवत्ता वाले रिसर्च परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।
कैंपस कल्चर और सकारात्मक माहौल: तीसरे और अंतिम सेशन में प्रिया कुमारी ने “कैंपस कल्चर और सकारात्मक माहौल बनाना” विषय पर जोर दिया। उन्होंने एक समावेशी, सम्मानजनक और सहयोगी कैंपस तैयार करने में फैकल्टी सदस्यों की भूमिका को अहम बताया।
READ MORE :DEOGHAR NEWS: NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर देवघर में सख्त तैयारी, उपायुक्त ने दिए कड़े निर्देश
संस्थान के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर
इस पूरे कार्यक्रम में एनआईटी के फैकल्टी सदस्यों ने बहुत ही सक्रिय रूप से भाग लिया। सेशन के दौरान कई दिलचस्प चर्चाएं और सार्थक बातचीत हुईं। कुल मिलाकर यह लेक्चर सीरीज शिक्षा जगत की नई तकनीकों को अपनाने और फैकल्टी डेवलपमेंट के लिहाज से बेहद ज्ञानवर्धक रही। यह पहल एनआईटी जमशेदपुर की एकेडमिक उत्कृष्टता और संस्थान के सर्वांगीण विकास के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

