
कदमा में एनएसएस इकाई ने किया विशेष सभा का आयोजन, युवाओं ने ली समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देश पर “नशा मुक्त भारत सप्ताह”
जमशेदपुर.

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) क्षेत्रीय निदेशालय, पटना के निर्देशानुसार एक बेहद महत्वपूर्ण पहल की गई है. “नशा मुक्त भारत अभियान – विकसित भारत की पहचान” के अंतर्गत आयोजित “नशा मुक्त भारत सप्ताह” के विशेष अवसर पर डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन, कदमा की एनएसएस इकाई-1 की ओर से कॉलेज परिसर में एक विशेष सभा (Special Assembly) का शानदार आयोजन किया गया.
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
इस विशेष सभा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं युवाओं को नशीले पदार्थों के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना था. इसके साथ ही युवाओं को 26 जून को मनाए जाने वाले “अंतरराष्ट्रीय मादक द्रव्य सेवन एवं अवैध तस्करी निरोध दिवस” (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking) के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराना भी इस कार्यक्रम का एक प्रमुख लक्ष्य रहा.
भाषण, कविता और शपथ: विद्यार्थियों ने दिखाई एकजुटता
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को और अधिक प्रभावशाली बना दिया.
प्रभावशाली भाषण: छात्रा प्रज्ञा ने “नशा मुक्त भारत” विषय पर एक बेहद ओजस्वी और प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किया. उन्होंने युवाओं से नशे की लत से पूरी तरह दूर रहने तथा समाज के हर वर्ग में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का पुरजोर आह्वान किया.
प्रेरणादायक कविता पाठ: कार्यक्रम में रश्मि ने एक दिल को छू लेने वाली प्रेरणादायक कविता का पाठ किया. इस कविता के माध्यम से उन्होंने नशे के भयानक दुष्प्रभावों तथा एक स्वस्थ जीवन के असली महत्व को बेहद मार्मिक और प्रभावी ढंग से सबके सामने प्रस्तुत किया.
नशा मुक्ति का संकल्प: अंजलि के नेतृत्व में सभी विद्यार्थियों ने “नशा मुक्त भारत” की सामूहिक शपथ ली. उपस्थित सभी लोगों ने स्वयं नशे से दूर रहने, अपने आस-पास के लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति सचेत करने तथा देश का एक स्वस्थ व जिम्मेदार नागरिक बनने का कड़ा संकल्प लिया.
प्राचार्या का संदेश: “नशा मुक्त भारत ही विकसित भारत की पहचान”
”नशा मुक्त भारत ही वास्तव में विकसित भारत की असली पहचान है. युवाओं को नशे के जाल से दूर रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुशासन एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना चाहिए. प्रत्येक छात्र-छात्रा अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर इस राष्ट्रीय अभियान का एक सक्रिय भागीदार बन सकता है.”
— डॉ. जूही समर्पिता, प्राचार्या (डी.बी.एम.एस. कॉलेज ऑफ एजुकेशन)
स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर
इस विशेष सभा के माध्यम से कॉलेज के विद्यार्थियों को न केवल एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया, बल्कि उन्हें उनके सामाजिक उत्तरदायित्वों का भी अहसास कराया गया. कॉलेज प्रशासन और एनएसएस इकाई का प्रयास है कि नशे के विरुद्ध इस जन-जागरूकता को और आगे बढ़ाया जाए तथा “नशा मुक्त भारत – विकसित भारत की पहचान” के इस पावन संदेश को समाज के जन-जन तक पहुँचाया जा सके.
राष्ट्रगान के साथ समापन
इस गरिमापूर्ण और प्रेरणादायी कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ. कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने एक बार फिर से एक नशामुक्त और सशक्त भारत के निर्माण में अपना सक्रिय और निरंतर योगदान देने का दृढ़ संकल्प दोहराया



