
जमशेदपुर।

झारखंड की तकनीकी शिक्षा के प्रमुख केंद्र एनआईटी जमशेदपुर (NIT Jamshedpur) में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस (International Day Against Drug Abuse and Illicit Trafficking) के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में एक भव्य ऑनलाइन जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। ग्रीष्मावकाश के चलते संस्थान बंद होने और विद्यार्थियों के अपने गृह नगरों में होने के बावजूद इस वर्चुअल कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और समाज को नशा मुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
‘नशा मुक्त परिसर’ के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है संस्थान
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जुड़े संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने अपने संबोधन में कहा कि एनआईटी जमशेदपुर अपनी स्थापना के समय से ही एक अनुशासित और पूरी तरह नशा मुक्त संस्थान के रूप में अपनी राष्ट्रीय पहचान बनाए हुए है। उन्होंने इस सकारात्मक माहौल को बनाए रखने के लिए संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के सहयोग की सराहना की। वहीं, संस्थान के उपनिदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा ने ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस तरह पूरे देश में नशाखोरी के खिलाफ व्यापक जंग जारी है, उसी तरह एनआईटी जमशेदपुर भी अपने कैंपस को नशा मुक्त रखने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
समय पर उचित परामर्श और काउंसलिंग बेहद जरूरी
संगोष्ठी की शुरुआत संस्थान के एसोसिएट डीन प्रो. कुणाल सिंह के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कैंपस में स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण बनाए रखने के लिए प्रबंधन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। प्रो. सिंह ने बताया कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए संस्थान में नियमित परामर्श और अनुभवी मनोवैज्ञानिक (Psychologist) की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी मानसिक तनाव की स्थिति में छात्रों को तुरंत सही मार्गदर्शन मिल सके।
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मनोवैज्ञानिक सुषमा वाला महतो ने बताए बचाव के उपाय
सत्र के मुख्य चरण में संस्थान की मनोवैज्ञानिक सुषमा वाला महतो ने पावरपॉइंट प्रस्तुति (PPT) के माध्यम से मादक पदार्थों के सेवन से शरीर और मस्तिष्क पर पड़ने वाले घातक दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता समझाते हुए युवाओं को नशे की लत से बचने की व्यावहारिक सावधानियां बताईं। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अनजाने में नशे की गिरफ्त में आ भी जाए, तो परिवार के मजबूत साथ, समय पर सही काउंसलिंग और उचित चिकित्सकीय उपचार से उसे इस दलदल से बाहर निकाला जा सकता है।
ऑनलाइन पोर्टल पर शपथ लेकर सोशल मीडिया पर करें शेयर
कार्यक्रम के अंत में एनएसएस समन्वयक डॉ. जयेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने छुट्टियों के बावजूद भारी संख्या में ऑनलाइन जुड़ने वाले विद्यार्थियों की सराहना की। डॉ. जयेंद्र ने सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति का सामूहिक संकल्प दिलाया और आग्रह किया कि वे भारत सरकार के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर नशा मुक्ति की शपथ लें, अपना डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त करें और उसे व्हाट्सएप स्टेटस तथा फेसबुक स्टोरी पर शेयर कर समाज को जागरूक करें।



