
आदित्यपुर: सेंट्रल पब्लिक स्कूल (CPS) में छात्रों के भीतर पर्यावरण के प्रति गहरी संवेदनशीलता और ‘सतत जीवनशैली’ विकसित करने के उद्देश्य से एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम “मिशन ग्रीन अर्थ” का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में स्कूली बच्चों ने अपनी शोधपरक प्रस्तुतियों से यह साबित कर दिया कि पृथ्वी के बिगड़ते संतुलन को बचाने की असली कमान अब युवा पीढ़ी के हाथों में है।

पौधे भेंट कर हुआ शुभारंभ, छात्रों ने बांधा समां
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। अतिथियों का स्वागत बुके के बजाय हरे-भरे पौधे भेंट करके किया गया, जो प्रकृति संरक्षण के प्रति विद्यालय के अटूट संकल्प को दर्शाता है। इसके तुरंत बाद कक्षा 6 और 7 के विद्यार्थियों ने बेहद सुरीला स्वागत गीत प्रस्तुत कर पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया।
ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन पर गंभीर संगोष्ठी
इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण छात्रों द्वारा प्रस्तुत की गई ‘पर्यावरण संगोष्ठी’ रही। बच्चों ने ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन (Climate Change), बढ़ते कार्बन उत्सर्जन, समुद्री प्रदूषण, अंधाधुंध वनों की कटाई और पिघलते ध्रुवीय हिमखंडों जैसे गंभीर वैश्विक संकटों पर बेहद सटीक आंकड़े मंच पर रखे। छात्रों ने दो टूक संदेश दिया कि यदि आज इंसान नहीं संभला, तो भविष्य में धरती पर जीवन बचाना असंभव हो जाएगा।
नुक्कड़ नाटक और नृत्य ने मोहा मन
बौद्धिक चर्चाओं के साथ-साथ सांस्कृतिक मंच भी पूरी तरह गुलजार रहा। कक्षा 8 के विद्यार्थियों ने पर्यावरण थीम पर एक आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं, कक्षा 6, 7, 9 और 11 के छात्रों ने अपनी दमदार अभिनय क्षमता का परिचय देते हुए प्रभावशाली ‘नुक्कड़ नाटक’ और लघु नाटिकाएं पेश कीं, जिसमें दिखाया गया कि हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी लापरवाहियां कैसे धरती को खोखला कर रही हैं।
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सामूहिक प्रयास ही समय की मांग: डॉ. प्रदीप सिंह
विद्यालय के प्रबंधक एवं चिकित्सा सलाहकार डॉ. प्रदीप सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, “बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों से अकेले नहीं निपटा जा सकता, समाज के हर नागरिक को अपनी जीवनशैली में इको-फ्रेंडली बदलाव लाने होंगे।” वहीं, विद्यालय के प्रधानाचार्य रामा शंकर सिंह ने छात्रों के ज्ञान और शिक्षकों के समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
प्रकृति रक्षा की सामूहिक शपथ के साथ समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में वरिष्ठ शिक्षक शिव शंकर डे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इसके पश्चात सभागार में मौजूद सभी छात्रों, शिक्षकों और कर्मियों को ‘प्रकृति की रक्षा’ की सामूहिक शपथ दिलाई गई। आयोजन का अंत इस मजबूत गूंज के साथ हुआ— “आइए, हम सब मिलकर एक हरित, स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य का निर्माण करें।”



