जमशेदपुर।
झारखंड समेत पूरे कोल्हान और पूर्वी सिंहभूम जिले में इन दिनों भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का कहर देखने को मिल रहा है। आसमान से बरसती आग और तेज तपिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस जानलेवा गर्मी का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। ऐसे में, बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिले में स्कूलों के संचालन समय में तत्काल बदलाव की मांग अब तेज हो गई है।
शिक्षा सत्याग्रह ने उठाया जनहित का बड़ा मुद्दा
छात्रों और अभिभावकों की इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए ‘शिक्षा सत्याग्रह’ के संस्थापक अंकित आनंद ने आगे आकर मोर्चा संभाला है। उन्होंने जनहित को सर्वोपरि रखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन से सभी कोटि (सरकारी, गैर-सरकारी और निजी) के स्कूलों का समय अविलंब परिवर्तित करने की नितांत आवश्यकता बताई है। उनका कहना है कि दोपहर की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के बीच बच्चों का स्कूल से घर लौटना उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उपायुक्त से त्वरित हस्तक्षेप की मांग
अंकित आनंद ने इस अहम मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) का सहारा लेते हुए सीधा राज्य के मुखिया तक अपनी बात पहुंचाई है। उन्होंने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को विशेष रूप से टैग किया है। उन्होंने दोनों शीर्ष अधिकारियों से इस गंभीर और संवेदनशील मामले में त्वरित हस्तक्षेप करने और जल्द से जल्द स्कूल टाइमिंग को मॉर्निंग (प्रातःकालीन) शिफ्ट में करने का आधिकारिक आदेश जारी करने का कड़ा आग्रह किया है।
कोर्ट का समय बदला, तो स्कूली बच्चों को राहत क्यों नहीं?
प्रशासन के सामने एक बेहद मजबूत तर्क पेश करते हुए शिक्षा सत्याग्रह की ओर से कहा गया है कि जब भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए अदालतों के कामकाज का समय बदलकर मॉर्निंग कर दिया गया है, तो फिर मासूम स्कूली बच्चों को इस जानलेवा गर्मी से राहत क्यों नहीं मिलनी चाहिए? बच्चों की शारीरिक सहनक्षमता बड़ों की तुलना में काफी कम होती है, इसलिए उनके मामले में ज्यादा संवेदनशीलता दिखाने की सख्त जरूरत है।
स्वास्थ्य पर मंडरा रहा डिहाइड्रेशन और लू का भारी खतरा
अंकित आनंद ने प्रशासन को स्पष्ट रूप से चेताया है कि वर्तमान समय में दोपहर के वक्त स्कूलों का संचालन मासूम बच्चों के स्वास्थ्य पर सीधा और प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। भीषण गर्मी और तेज लू के थपेड़ों के कारण बच्चों में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी), चक्कर आना, थकान, बुखार और हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन से त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई की अपील
अंत में, संगठन और अभिभावकों की ओर से प्रशासन से पुरजोर अपील की गई है कि वह बच्चों के स्वास्थ्य और उनके जीवन की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाए। बिना किसी प्रशासनिक देरी के सभी स्कूलों का समय प्रातःकालीन करने का आधिकारिक निर्णय शीघ्र लिया जाए, ताकि बच्चों के साथ-साथ उनके चिंतित अभिभावकों को भी इस जानलेवा गर्मी में बड़ी और स्थायी राहत मिल सके।





