
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड से पुलिसिया प्रताड़ना और रिश्वतखोरी का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। कोवाली थाना क्षेत्र के हेंसड़ा गांव निवासी करण बेरा ने जमशेदपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को लिखित शिकायत सौंपकर कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव पर अपने बीमार पिता श्यामा प्रसाद बेरा के साथ बेरहमी से मारपीट करने और एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने का संगीन आरोप लगाया है।

आधी रात को घर में घुसी पुलिस, बीमार बुजुर्ग को उठाया
करण बेरा द्वारा सौंपे गए आवेदन के अनुसार, उनके पिता श्यामा प्रसाद बेरा (50 वर्ष) लंबे समय से शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। बीमारी के कारण उन्हें चलने-फिरने में भी काफी असमर्थता होती है। शिकायत में कहा गया है कि 6 जून 2026 की रात लगभग 12 बजे कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव पुलिस बल के साथ उनके घर धमके। पुलिस ने बुजुर्ग पर गांजा तस्करी का झूठा आरोप लगाते हुए उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया और थाने ले आई।
थाना परिसर में बेरहमी से पिटाई, बाहर तक आ रही थी चीखें
पीड़ित के बेटे का दावा है कि जब वह अपने भाइयों के साथ रात में कोवाली थाना पहुंचे, तो वहां का नजारा खौफनाक था। थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव उनके बीमार पिता की बेरहमी से पिटाई कर रहे थे। मारपीट और दर्द से कराहने की आवाजें थाना परिसर के बाहर तक साफ सुनाई दे रही थीं। जब परिजनों ने बीच-बचाव और हस्तक्षेप करने की कोशिश की, तो थाना प्रभारी ने उनके साथ भी गाली-गलौज की और अपशब्द कहते हुए उन्हें थाने से भगा दिया।
हालत बिगड़ने पर अस्पताल में कराया भर्ती, ₹1 लाख की मांग
अगली सुबह जब परिजन दोबारा थाने पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि उनके पिता की हालत बिगड़ने के कारण उन्हें पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में बुजुर्ग को स्लाइन चढ़ाई जा रही थी। पीड़ित बुजुर्ग ने रोते हुए बेटों को बताया कि रातभर पुलिस ने उन्हें प्रताड़ित किया, जिससे उनका शुगर और बीपी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। आरोप है कि थाना प्रभारी अब मामले को रफा-दफा करने के लिए एक लाख रुपये की मांग कर रहे हैं और पैसे न देने पर गांजे के झूठे केस में जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री और डीजीपी से निष्पक्ष जांच की गुहार
करण बेरा ने एसएसपी से गुहार लगाई है कि उनके निर्दोष और बीमार पिता को इस झूठे मामले से मुक्त कराया जाए और आरोपी थाना प्रभारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस शिकायत की प्रतिलिपि झारखंड के मुख्यमंत्री, डीजीपी झारखंड, डीआईजी कोल्हान और डीएसपी मुसाबनी को भी भेजी गई है।


