
जमशेदपुर/साकची: सावन की धीमी फुहारों और चारों ओर फैली हरियाली के बीच जमशेदपुर के साकची स्थित महालक्ष्मी मंदिर का दादी मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय रंग में रंग गया है। गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को सत्यनारायण मारवाड़ी ठाकुरबाड़ी ट्रस्ट द्वारा संचालित इस मंदिर में दादी सखी मंडल के सहयोग से राणी सती दादी का सावन सिंधारा उत्सव अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। पारंपरिक परिधानों में सजी मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर इस उत्सव में हिस्सा लिया और पारंपरिक गीतों व नृत्यों के साथ सिंधारा उत्सव की खुशियां साझा कीं।


भजनों की गूंज और आकर्षक सजावट से सजा दरबार
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत रूप से गणेश वंदना के साथ की गई।
भव्य सजावट और झूला: इस अवसर पर राणी सती दादी के दरबार को फूलों और आकर्षक लाइटों से बेहद सुंदर ढंग से सजाया गया था। उपस्थित महिलाओं ने बारी-बारी से दादी को झूला झुलाया और पारंपरिक मंगल गीत गाए।
भजनों की प्रस्तुतियां: कार्यक्रम के दौरान “ओ म्हारी भवानी झूलो भगत झुलावा थाने आज”, “खूब सज्यो दरबार मैया थाने आनो पड़सी”, “तेरा किसने किया श्रृंगार बड़ा प्यारा लागे” और “मोटी सेठानी म्हारो बेड़ो पार लगानो पड़सी” जैसे लोकप्रिय और मनमोहक दादी भजनों की प्रस्तुतियां दी गईं। भजनों की इन धुनों पर पूरा मंदिर परिसर झूम उठा।
श्रद्धा और उत्साह का अनूठा संगम
सावन सिंधारा उत्सव के इस पावन अवसर पर महिलाओं ने एक-दूसरे को सावन की शुभकामनाएं दीं और सिंधारा पर्व की पारंपरिक परंपराओं को निभाया।
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में दादी सखी मंडल की महिलाओं और ट्रस्ट के सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
मंदिर परिसर में गूंजते भजनों और महिलाओं की उपस्थिति ने इस धार्मिक आयोजन को बेहद खास और यादगार बना दिया।





