
जमशेदपुर/साकची: भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास के प्रतीक पर्व रक्षाबंधन से पहले स्कूलों में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में जमशेदपुर के साकची चेनाव रोड स्थित विवेकानंद इंग्लिश हाई स्कूल (VEHS) में भारतीय डाक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष ‘राखी मेकिंग प्रतियोगिता 2026’ का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक उल्लास और देशभक्ति से सराबोर इस प्रतियोगिता में विद्यालय के कुल 107 छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों द्वारा सजाए गए सुंदर सभागार और उनकी कलात्मक कृतियों ने इस आयोजन को एक भव्य उत्सव में बदल दिया।


वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ भव्य शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच दीप प्रज्वलन कर की गई। इसके बाद स्वामी विवेकानंद और मां शारदा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया गया।
अतिथियों और शिक्षकों के विचार: इस पावन अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका श्रीमती के. मित्रा ने डाक विभाग के इस विशेष प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों की कल्पना शक्ति और कला कौशल को एक नया आयाम मिलता है।
शिक्षिका विनीता सिंह ने भी बच्चों के अद्भुत उत्साह को रेखांकित करते हुए डाक विभाग और सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
बच्चों की भावनाओं ने छुआ दिल: “देश के सैनिकों के लिए भेजी राखी”
प्रतियोगिता के दौरान बच्चों की रचनात्मकता के साथ-साथ उनके संवेदनशील और देशभक्ति से भरे विचार भी सामने आए, जिन्होंने सभी का दिल जीत लिया:
सान्वी राठौर (कक्षा 9): ने कहा कि इस वर्ष अपने हाथों से बनाई गई राखियों को देश के वीर जवानों (सैनिकों) को भेजने का अवसर मिलना उनके लिए अत्यंत गर्व और भावुक क्षण है।
परिणीधि कुमारी: ने भाई-बहन के अटूट प्रेम को रेखांकित करते हुए समाज के हर वर्ग के प्रति सद्भाव और आत्मीयता का संदेश दिया।
काव्या कुमारी और अमरजीत सोरेन (कक्षा 8 ‘अ’): ने अपने हाथों से राखी तैयार करने के सुखद अनुभव को साझा किया और इसके लिए भारतीय डाक विभाग का धन्यवाद किया।
इस दौरान ब्लैकबोर्ड पर उकेरी गई पंक्तियां — “तोड़े से भी ना टूटे, ये ऐसा मन बंधन है, इस बंधन को सारी दुनिया कहती रक्षाबंधन है” — ने पूरे कार्यक्रम के माहौल को और भी अधिक जीवंत बना दिया। इस प्रतियोगिता ने न केवल बच्चों के हुनर को निखारा, बल्कि रिश्तों और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को भी बखूबी उजागर किया।





