
जमशेदपुर के केबुल टाउन स्थित प्रसिद्ध लक्ष्मीनारायण मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा और मंदिर के तृतीय स्थापना दिवस के पावन अवसर पर नवग्रह वाटिका का भव्य शिलान्यास किया गया। इस धार्मिक और जन-कल्याणकारी योजना की आधारशिला जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मंदिर परिसर में देवगुरु बृहस्पति के प्रतीक पीपल का पौधा लगाकर रखी।


25 फीट के दायरे में स्थापित होंगे नौ ग्रहों के देव वृक्ष
विधायक सरयू राय ने नवग्रह वाटिका के प्रारूप की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रस्तावित वाटिका का निर्माण कुल 25 फीट × 25 फीट (यानी 625 वर्ग फीट) के विशेष क्षेत्र में किया जा रहा है। इस वाटिका की विशेषता यह होगी कि इसमें सभी नौ ग्रहों के लिए समान दूरी पर अलग-अलग स्थान (चबूतरे) तय किए गए हैं। प्रत्येक ग्रह से संबंधित पूजनीय वृक्ष को वहां रोपित किया जाएगा और उन चबूतरों पर संबंधित ग्रहों की सुंदर प्रतिमाएं (विग्रह) भी स्थापित की जाएंगी।
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गुरुवार को देवगुरु बृहस्पति के निमित्त पीपल का रोपण
शिलान्यास के विशेष मुहूर्त पर बोलते हुए विधायक ने कहा कि गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित है। इसी धार्मिक महत्व को देखते हुए आज बृहस्पति ग्रह से संबंधित पीपल का पौधा लगाकर इस वाटिका का शुभारंभ किया गया है। अन्य ग्रहों से जुड़े औषधीय और धार्मिक वृक्षों के पौधे आने वाले समय में उनके निर्धारित वार और शुभ मुहूर्त के अनुसार लगाए जाएंगे। इस पूरी वाटिका को आगामी शारदीय नवरात्र तक पूर्ण रूप से तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि श्रद्धालु सुगमता से ग्रहों की परिक्रमा और पूजा-अर्चना कर सकें।
महामंडलेश्वर उमाकांतानंद महाराज ने किया था भूमि पूजन
इस परियोजना की रूपरेखा बेहद व्यवस्थित है। शिलान्यास से ठीक एक दिन पूर्व, 15 जुलाई को जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी उमाकांतानंद महाराज मंदिर परिसर पहुंचे थे। उन्होंने स्वयं नवग्रह वाटिका के लिए सबसे उपयुक्त स्थल का चयन किया और वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद तथा नारियल फोड़कर भूमि पूजन की विधि संपन्न कराई। महाराज ने मंदिर के सभी विग्रहों का विशेष पूजन भी किया। मंदिर में बुधवार से चल रहे रामचरितमानस पाठ का समापन गुरुवार को हुआ, जिसके बाद श्रद्धालुओं के बीच खीर, पूड़ी, मिक्स वेज और चटनी का महाप्रसाद वितरित किया गया।
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वर्ष 2024 में हुई थी विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा
उल्लेखनीय है कि लक्ष्मीनारायण मंदिर में भगवान लक्ष्मीनारायण, मां काली, भगवान शिव, गणेश और हनुमान जी के विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा वर्ष 2024 में आषाढ़ शुक्ल द्वितीया (रथयात्रा के दिन) संपन्न हुई थी। इस वर्ष मंदिर का तृतीय स्थापना दिवस मनाया गया। मुख्य पुजारी विनोद पांडे के नेतृत्व में सभी अनुष्ठान संपन्न हुए।
इस गरिमामयी शिलान्यास कार्यक्रम में जदयू जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव, महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, नीरज सिंह, साकेत गौतम, असीम पाठक, बिनोद पांडेय, अशोक कुमार, विकास सिंह, समरेश सिंह, कुणाल कुमार, राहुल, दुर्गा कुमार और पंकज सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु उपस्थित थे।


