
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के आम नागरिकों और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। पिछले कई महीनों से चली आ रही बालू की किल्लत अब जल्द ही दूर होने वाली है। राज्य सरकार द्वारा बालू घाटों की लीज प्रक्रिया को सरल बनाए जाने के बाद, पूर्वी सिंहभूम जिले में भी बालू घाटों के संचालन की दिशा में काफी तेजी आई है। इसी क्रम में उपायुक्त राजीव रंजन द्वारा बालू घाटों के संविद (टेंडर/करार) का विधिवत निष्पादन कर दिया गया है, जिससे जिले में वैध तरीके से बालू मिलने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
किन बालू घाटों के संविद का हुआ निष्पादन?
उपायुक्त कार्यालय में आयोजित इस प्रक्रिया के दौरान जिला खनन पदाधिकारी और बोलीदाता कंपनी मेसर्स गोदावरी कमोडिटीज लिमिटेड (M/s Godavari Commodities Ltd.) के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित रहे। संविद निष्पादित किए गए बालू घाटों में मुख्य रूप से कोरिया मोहनपाल बालू घाट (34.70 हेक्टेयर) तथा कोरिया मोहनपाल एवं स्वर्णरेखा बालू घाट (46.30 हेक्टेयर) शामिल हैं। इन बड़े बालू घाटों के शुरू होने से जिले में बालू की आपूर्ति में भारी सुधार देखने को मिलेगा।
ई-नीलामी में किन कंपनियों को मिली थी सफलता?
गौरतलब है कि पूर्व में जिले के कुल 05 बालू घाटों की ई-नीलामी (E-Auction) की प्रक्रिया पूरी की गई थी। इस नीलामी में Group-A के तहत मेसर्स गोदावरी कमोडिटीज लिमिटेड (M/s Godavari Commodities Ltd.) और Group-B के तहत मेसर्स एस. जी. प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (M/s S. G Projects Pvt. Ltd.) सफल बोलीदाता रहे थे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि शेष बचे 03 बालू घाटों के लिए आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया अभी जारी है और उनके भी बहुत जल्द शुरू होने की प्रबल संभावना है।
निर्माण कार्यों को मिलेगी रफ्तार, अवैध खनन पर लगेगी लगाम
जिले में इन अधिकृत बालू घाटों के सुचारू रूप से संचालन शुरू होने से आम लोगों को वैध तरीके से और उचित मूल्य पर आसानी से बालू उपलब्ध हो सकेगा। बालू की कमी के कारण जो भी सरकारी या निजी निर्माण कार्य रुके हुए थे, उन्हें अब नई गति मिलेगी। इसके साथ ही, जिला प्रशासन का मानना है कि वैध घाटों के चालू होने से बालू के अवैध खनन (Illegal Mining) और अवैध परिवहन पर भी पूरी तरह से रोक लगेगी। इससे न केवल पर्यावरण को होने वाला नुकसान कम होगा, बल्कि सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी।


