
जमशेदपुर जिला प्रशासन भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के खिलाफ बड़े एक्शन की तैयारी में है। जिला परिषद कार्यालय (पूर्वी सिंहभूम) ने एक सार्वजनिक सूचना जारी कर हल्दीपोखर क्षेत्र के पोटका अंचल में चल रहे दो बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह अवैध घोषित कर दिया है। प्रशासन ने इन प्रोजेक्ट्स के बिल्डरों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए सख्त रुख अपनाया है।

इन दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर है अवैध प्लाटिंग का आरोप
प्रशासनिक जांच में पोटका अंचल के अंतर्गत हल्दीपोखर में दो प्रमुख रियल एस्टेट परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग का खुलासा हुआ है:
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साई विला (Sai Villa): शिकरसाई (हल्दीपोखर) स्थित इस प्रोजेक्ट का निर्माण ए.के. प्रॉपर्टी डेवलपर (A.K. Property Developer) द्वारा किया जा रहा है।
गोकुल धाम (Gokul Dham): देबाकी स्थित गार्डन वैली एवं दारुसाई (हल्दीपोखर) स्थित इस प्रोजेक्ट का निर्माण विनायक कंस्ट्रक्शन (Vinayak Construction) द्वारा किया जा रहा है।
नोट: जिला परिषद की जनहित सूचना (PR 381359) के अनुसार, बिना पूर्व अनुमति के पंचायत राज क्षेत्र के भूखंडों पर प्लाटिंग करना पूरी तरह गैर-कानूनी है।
नियमों की अनदेखी और बिल्डरों की लापरवाही
आधिकारिक सूचना के अनुसार, इन दोनों प्रोजेक्ट्स में झारखंड पंचायती राज अधिनियम और Jharkhand Building Bylaws-2016 की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं। मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त की पूर्व अनुमति के बिना ही यहाँ धड़ल्ले से प्लॉट बेचे जा रहे थे। इससे पहले भी डेवलपरों को नोटिस जारी कर पक्ष रखने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए।
प्रशासन का अल्टीमेटम: 7 दिनों में कार्रवाई
उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी ने इस लापरवाही को गंभीर उल्लंघन माना है। संबंधित डेवलपर संस्थानों के प्रोप्राइटर, निदेशक या पार्टनर को विज्ञापन जारी होने की तिथि से 7 दिनों के भीतर कार्यालय में उपस्थित होकर लिखित साक्ष्य देने का अंतिम अवसर दिया गया है।
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अगर निर्धारित समय-सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो प्रशासन भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की सुसंगत धाराओं के तहत एकपक्षीय कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। जिला प्रशासन ने आम जनता को भी अलर्ट किया है कि वे ऐसे अवैध प्रोजेक्ट्स में निवेश कर अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं।


