जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर स्थित देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी – NIT) में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक और तकनीकी कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। एनआईटी जमशेदपुर स्थित इंडियन सिरेमिक सोसाइटी (आईसीएस – ICS) के छात्र चैप्टर (Student Chapter) ने आधिकारिक तौर पर अपने पुनरुद्धार (Revival) का भव्य जश्न मनाया है। इस खास और ऐतिहासिक मौके पर संस्थान में “सामग्री अभियांत्रिकी (मटेरियल इंजीनियरिंग) में नवाचार और नवीनतम रुझान” विषय पर एक विशेष हाफ-डे (आधे दिन का) सेमिनार आयोजित किया गया। संस्थान के डायमंड जुबली लेक्चर हॉल (डीजेएलएचसी 212) में सुबह 10:30 बजे शुरू हुए इस कार्यक्रम में इंजीनियरिंग के छात्रों और संकाय सदस्यों (फैकल्टी) ने भारी संख्या में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और नवीनतम तकनीकों के बारे में जाना।
निदेशक प्रोफेसर गौतम सूत्रधार ने किया मुख्य अतिथि के रूप में मार्गदर्शन
इस महत्वपूर्ण सेमिनार ने शिक्षा जगत (एकेडेमिया) और उद्योग जगत (इंडस्ट्री) को एक मजबूत मंच पर सफलतापूर्वक जोड़ने का काम किया। कार्यक्रम में एनआईटी जमशेदपुर और टाटा स्टील दोनों के कई प्रमुख और अनुभवी व्यक्तित्वों ने एक साथ भाग लिया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात, एमएमई (MME) विभाग के प्रमुख और आईसीएस एनआईटी जमशेदपुर चैप्टर के संरक्षक प्रोफेसर अशोक कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अपना ज्ञानवर्धक स्वागत भाषण दिया। एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रोफेसर गौतम सूत्रधार इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन में छात्रों को सामग्री इंजीनियरिंग के भविष्य और राष्ट्र निर्माण में इसकी असीम संभावनाओं के प्रति जागरूक किया।
टाटा स्टील के विशेषज्ञों ने रिफ्रैक्टरी तकनीक पर साझा किए अपने अनुभव
इस सेमिनार का एक प्रमुख आकर्षण उद्योग विशेषज्ञों की मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति रही, जिन्होंने सामग्री (मटेरियल) और अपवर्तक (रिफ्रैक्टरी) प्रौद्योगिकियों के बारे में छात्रों के साथ अपना बहुमूल्य व्यावहारिक ज्ञान साझा किया। टाटा स्टील के प्रोसेस विभाग के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) डॉ. अतानु रंजन पाल ने कार्यक्रम में अध्यक्षीय भाषण दिया। इसके बाद उन्होंने छात्रों के साथ एक विशेष संवादात्मक (इंटरेक्टिव) सत्र भी आयोजित किया, जिसमें छात्रों ने बिना किसी झिझक के अपनी तकनीकी जिज्ञासाएं शांत कीं। तकनीकी सत्रों को आगे बढ़ाते हुए, टाटा स्टील के रिफ्रैक्टरी टेक्नोलॉजी ग्रुप के प्रमुख प्रशांत पाणिग्राही और टाटा स्टील के चीफ रिफ्रैक्टरीज डॉ. सुजात अली खान ने भी अपने विशेष और सारगर्भित व्याख्यान दिए। उन्होंने औद्योगिक दुनिया की वास्तविक चुनौतियों और प्लांट के अंदर होने वाले नवाचारों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
डॉ. संजय वाजपेयी के समन्वय में सफल रहा आयोजन, राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
इस ज्ञानवर्धक सेमिनार में रसायन विज्ञान विभाग के ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ डॉ. सीतांदु मंडल का परिचयात्मक भाषण भी शामिल था, जिसने पूरे विषय की सटीक रूपरेखा तय की। इस पूरे भव्य कार्यक्रम का सफल समन्वय प्रभारी प्रोफेसर डॉ. संजय वाजपेयी द्वारा किया गया। सेमिनार का विधिवत समापन औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। अंत में कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों, संकाय सदस्यों और भारी संख्या में मौजूद उत्साही छात्र प्रतिभागियों ने एक यादगार सामूहिक तस्वीर खिंचवाई। यह सेमिनार सामग्री इंजीनियरिंग के छात्रों के बौद्धिक विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हुआ है।





