
JAMSHEDPUR: समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में राजस्व संग्रहण, भू-अर्जन, नीलाम पत्र (Certificate Cases) और सरकारी व डीम्ड लीज भूमि अतिक्रमण जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में निदेशक एनईपी सह अपर उपायुक्त संतोष गर्ग, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम अर्णव मिश्रा, अनुमंडल पदाधिकारी घाटशिला सुनील चन्द्र, जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय, उप नगर आयुक्त जेएनएसी कृष्ण कुमार सहित सभी अंचलाधिकारी (CO), एनएचएआई के अभियंता और विभिन्न राजस्व विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
शत-प्रतिशत राजस्व संग्रहण के लिए पहली तिमाही से ही रणनीति बनाने के निर्देश
राजस्व संग्रहण की क्रमवार समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जो विभाग पिछले वित्तीय वर्ष में अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं कर पाए हैं, वे अपनी कमियों को सुधारें। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष के अंत में अतिरिक्त दबाव से बचने के लिए प्रथम तिमाही (First Quarter) से ही बेहतर कार्ययोजना बनाकर लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास शुरू कर दिए जाएं।
बड़ा निर्देश: लक्ष्य से पीछे रहने वाले सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर इसके स्पष्ट कारणों का उल्लेख करते हुए प्रतिवेदन (Report) सौंपने को कहा गया है।
होल्डिंग टैक्स, अवैध शराब और निबंधन विभाग को लेकर सख्त रुख
बैठक में नगर निकायों और आबकारी विभाग को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए:
मानगो नगर निगम: उप नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया कि होल्डिंग टैक्स वसूली में तेजी लाने के लिए विशेष कैंप आयोजित कर लोगों को जागरूक और प्रोत्साहित करें।
उत्पाद विभाग: अवैध शराब के कारोबारियों और माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को और तेज करने के आदेश दिए गए।
निबंधन विभाग: प्रस्तावित नई दरों का प्रारूप जल्द तैयार कर राजस्व वसूली का काम शुरू करने को कहा गया।
नीलाम पत्र (Certificate Cases) के मामलों में 10% निष्पादन का लक्ष्य
नीलाम पत्र के लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को नियमित रूप से मामलों की सुनवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि अगली बैठक से पूर्व कम से कम 10 प्रतिशत मामलों का निष्पादन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों को इन मामलों को भी अपने दैनिक कार्यों की तरह प्राथमिकता देने को कहा गया है।
म्यूटेशन और लगान रसीद के लिए ‘सेवा की गारंटी अधिनियम’ का पालन
जमीन की खरीद-बिक्री, म्यूटेशन (Mutation), भूमि सीमांकन, भूमि अभिलेख परिशोधन और लगान रसीद काटने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि:
म्यूटेशन के आवेदनों का निष्पादन सेवा की गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समयसीमा के भीतर ही होना चाहिए।
सभी अंचलों में स्थानीय लोगों को लगान रसीद कटाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
तहसील कचहरी की व्यवस्था को दुरुस्त कर स्थानीय स्तर पर ही भूमि विवादों का समाधान निकाला जाए और सभी तहसील कचहरियों का नियमित संचालन हो।
भू-अर्जन, मुआवजा भुगतान और अतिक्रमण पर कड़ा एक्शन
राष्ट्रीय और राजकीय राजमार्ग (NH/SH) व रेलवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भू-अर्जन और रैयतों के मुआवजा भुगतान की समीक्षा की गई। लंबित मुआवजा मामलों के समाधान के लिए गांवों में विशेष कैंप आयोजित करने का निर्देश दिया गया ताकि वास्तविक लाभुकों की पहचान कर दस्तावेजों की त्रुटियां दूर की जा सकें।
इसके साथ ही, सरकारी और डीम्ड लीज भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए झारखंड उच्च न्यायालय, रांची के दिशा-निर्देशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। जन शिकायतों (Public Grievances) पर भी समयबद्ध और नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही गई।


