जमशेदपुर।
जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में 23 मार्च 2026 को नई कुलपति के रूप में प्रो. डॉ. इला कुमार ने औपचारिक रूप से योगदान दिया। उनके आगमन के साथ विश्वविद्यालय में नए नेतृत्व की शुरुआत हुई, जिसे लेकर शिक्षकों और छात्राओं में उत्साह देखने को मिला।
परंपरागत नृत्य से हुआ स्वागत
नई कुलपति का स्वागत छात्राओं ने झारखंड के पारंपरिक नृत्य और एनएसएस की क्लैपिंग के माध्यम से गर्मजोशी से किया। पूरे परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा और स्वागत समारोह बेहद आकर्षक और सांस्कृतिक रंगों से भरा हुआ नजर आया।
पुष्पगुच्छ देकर किया गया सम्मान
छात्रकल्याण अधिष्ठाता डॉ. किश्वर आरा ने प्रो. डॉ. इला कुमार का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। इस अवसर पर शिक्षक संघ द्वारा पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता की विदाई और नई कुलपति का स्वागत एक साथ किया गया।
पूर्व कुलपति को दी गई भावभीनी विदाई
कार्यक्रम में पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए विश्वविद्यालय के साथ अपने भावनात्मक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद एक मजबूत टीम के साथ काम करने का अवसर मिला और विश्वविद्यालय को उन्होंने एक बच्चे की तरह विकसित होते देखा है।
कुलपति का प्रेरणादायक संबोधन
नव नियुक्त कुलपति प्रो. डॉ. इला कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय में पहले से किए गए कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने, सकारात्मक वातावरण में कार्य करने और सभी के सहयोग से संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की बात कही।
अधिकारियों ने भी रखे विचार
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. रमा सुब्रह्मण्यन, वित्त पदाधिकारी डॉ. जावेद अहमद और कुलसचिव डॉ. सलोमी कुजूर ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने पूर्व कुलपति के कार्यों की सराहना करते हुए नई कुलपति को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाया आकर्षण
कार्यक्रम के दौरान डॉ. सनातन दीप द्वारा एक सुंदर गजल प्रस्तुत की गई, जिसने समारोह को और भी खास बना दिया। इस अवसर पर कई वरिष्ठ शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाया।
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सहयोग और निरंतरता का संदेश
यह आयोजन न केवल नेतृत्व परिवर्तन का प्रतीक रहा, बल्कि विश्वविद्यालय में निरंतर विकास, सहयोग और सकारात्मक कार्य संस्कृति को आगे बढ़ाने का संदेश भी देता है। नई कुलपति के नेतृत्व में संस्थान के तकनीकी और शैक्षणिक विकास की उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।




