
नई सोच – नई दिशा’ के संकल्प से एकजुट होगा भूमिहार समाज

राष्ट्रीय ब्रह्मर्षि प्रगति मंच के गठन की तैयारियाँ पूरे देश में तेजी से चल रही हैं। मंच के संयोजक देवानंद सिंह ने बताया कि “नई सोच – नई दिशा” के संकल्प के साथ इस संगठन का विस्तार देश के प्रत्येक राज्य और शहर में किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य भूमिहार समाज को एक मंच पर लाकर एकजुट करना है। इस मुहिम को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के बुद्धिजीवियों, प्रोफेसरों, पत्रकारों तथा वरिष्ठ समाजसेवियों से व्यापक स्तर पर बातचीत पूरी हो चुकी है। समाज के सभी वर्गों ने इस नई पहल का पुरजोर स्वागत किया है।
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जल्द होगी पहली बैठक, तय होगी संगठन की रूपरेखा
देवानंद सिंह के मुताबिक, विभिन्न राज्यों के प्रबुद्ध जनों के साथ विचार-विमर्श के बाद अब मंच के गठन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके लिए पहली आधिकारिक बैठक की तिथि बहुत जल्द घोषित की जाएगी। इस आगामी बैठक में संगठन की वैचारिक रूपरेखा, इसके मुख्य उद्देश्य और समाजहित से जुड़े तमाम ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। रणनीति तैयार कर संगठन के सांगठनिक ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
शिक्षा, जागरूकता और राजनीतिक भागीदारी पर मुख्य फोकस
मंच के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए देवानंद सिंह ने कहा कि संगठन का मुख्य लक्ष्य समाज का चौमुखी विकास, शिक्षा का व्यापक प्रसार और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाना है। इसके साथ ही, ब्रह्मर्षि समाज को राजनीतिक रूप से सशक्त, संगठित और प्रभावशाली बनाना भी मंच की प्राथमिकताओं में शामिल है, ताकि नीति-निर्धारण में समाज की भागीदारी को और अधिक मजबूत किया जा सके।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से युवाओं को प्रेरित करने की अनूठी पहल
“नई सोच – नई दिशा” मुहिम के तहत समाज को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए एक आधिकारिक फेसबुक पेज भी लॉन्च किया गया है। सोमवार से इस पेज पर समाज के प्रतिष्ठित बुद्धिजीवियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के विशेष लेख प्रकाशित किए जाएंगे। ये आलेख समाज के बच्चों और युवाओं को शिक्षा, संस्कार, संघर्ष और सफलता की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे। देवानंद सिंह ने समाज के सभी लोगों से सकारात्मक सोच और सामाजिक एकता के साथ इस विकास यात्रा में सहभागी बनने की अपील की है।


