
जमशेदपुर: हिन्दी साहित्य के महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर शनिवार, 08 अगस्त 2026 को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय (Jamshedpur Women’s University) के हिन्दी विभाग द्वारा एक भव्य और विचारोत्तेजक समारोह का आयोजन किया गया। माननीय कुलपति प्रो. इला कुमार के मार्गदर्शन में बिष्टुपुर परिसर स्थित स्मार्ट सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रेमचंद के साहित्य, उनके सामाजिक सरोकारों और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता को रेखांकित करना था। समारोह में छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों से यह साबित कर दिया कि प्रेमचंद का साहित्य केवल अतीत का दस्तावेज नहीं, बल्कि आज भी हमारे समाज का जीवंत आईना है।


मंच पर जीवंत हुए प्रेमचंद के कालजयी पात्र
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं (प्रिया कुमारी, जशमीन कुमारी और एकता कुमारी) द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. नूपुर अन्विता मिंज ने विषय-प्रवेश करते हुए प्रेमचंद के साहित्य की व्यापकता पर प्रकाश डाला।
समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नाटकीय कार्यक्रम रहा। छात्रा वर्षापति ने प्रेमचंद का अति आकर्षक नाटकीय परिचय प्रस्तुत किया, जबकि खुशी कुमारी ने स्वरचित कविता का पाठ किया। “पात्र-परिचय के माध्यम से प्रेमचंद की प्रासंगिकता” विषय पर एकता कुमारी, प्रिया कुमारी और जशमीन कुमारी ने शानदार अभिनय किया। शोधार्थी सुश्री आयशा के कुशल सूत्रधार (संचालन) में छात्राओं ने संदेश दिया कि प्रेमचंद के पात्र केवल किताबों के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आज भी हमारे सामाजिक जीवन में जीवित हैं। पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा कुमारी ने भी प्रेमचंद के कहे वाक्यों के माध्यम से उनके साहित्यिक महत्त्व को दर्शाया।
‘वंचितों और शोषितों की आवाज़ हैं प्रेमचंद’
समारोह के मुख्य वक्ता एवं मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार साहु ने प्रेमचंद को भारतीय समाज का सजग और संवेदनशील साहित्यकार बताया। उन्होंने कहा कि उनके साहित्य में सामाजिक यथार्थ के साथ-साथ परिवर्तन की गहरी आकांक्षा भी दिखाई देती है। डॉ. साहु ने साहित्य के अध्ययन को समाज और जीवन से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया और छात्राओं की रचनात्मक प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।
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25 छात्राओं को मिला सम्मान, निबंध प्रतियोगिता के विजेता घोषित
इस खास मौके पर हिन्दी विभाग द्वारा आयोजित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं के नामों की घोषणा की गई। निर्णायक मंडली में दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. अमृता कुमारी और NSS समन्वयक डॉ. ग्लोरिया पूर्ति शामिल थीं। डॉ. अमृता कुमारी ने विजेताओं की घोषणा की। साथ ही, विभाग की 25 छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट प्रतिभा और रचनात्मक योगदान के लिए डॉ. सुधीर कुमार साहु द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मंच का सफल संचालन संतोषी नाथ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वर्षापति ने दिया। इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रीमती सिंधु शर्मा, उर्दू विभागाध्यक्ष डॉ. रिजवाना परवीन, डॉ. पुष्पलता, डॉ. रत्ना मित्रा, डॉ. जया घोष, डॉ. प्रणिता कुमारी, डॉ. श्यामला, डॉ. सुनीता कुमारी, सुश्री प्रीति सहित कई शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित थीं।



