
जमशेदपुर, 13 अक्टूबर। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका विधायक संजीव सरदार पर स्वर्णरेखा परियोजना के दो अभियंताओं के साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। मंगलवार सुबह हुई इस कथित घटना के बाद अभियंता संगठनों में नाराजगी है। झारखंड इंजीनियर्स सर्विस एसोसिएशन (जेईएसए) और डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन, झारखंड ने संयुक्त बैठक कर विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है।
विधायक आवास पर सुबह आठ बजे बुलाए गए थे दोनों अभियंता
स्वर्णरेखा नहर प्रमंडल, चांडिल के कार्यपालक अभियंता शिवराम गगराई ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब आठ बजे विधायक संजीव सरदार ने उन्हें और स्वर्णरेखा परियोजना के सहायक अभियंता विजय तिर्की को अपने आवास पर बुलाया था।गगराई के अनुसार, विधायक ने एक परियोजना का शिलान्यास नहीं कराए जाने को लेकर सवाल किया। इस पर अभियंताओं की ओर से बताया गया कि संबंधित परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2021 में ही हो चुका है।उन्होंने कहा कि विधायक ने शिलान्यास का प्रमाण मांगा, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
बीच-बचाव करने पर मेरे साथ भी हुई हाथापाई : शिवराम गगराई
कार्यपालक अभियंता शिवराम गगराई ने आरोप लगाया कि बहस के दौरान विधायक संजीव सरदार ने सहायक अभियंता विजय तिर्की पर हाथ उठाया।गगराई के मुताबिक, जब उन्होंने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो विधायक ने उनके साथ भी कथित तौर पर हाथापाई और गाली-गलौज की।उन्होंने कहा कि घटना से वे काफी आहत हैं। हालांकि, फिलहाल वे व्यक्तिगत स्तर पर प्राथमिकी दर्ज कराने या अन्य कानूनी कार्रवाई करने पर विचार नहीं कर रहे हैं।गगराई ने स्पष्ट किया कि वे अभियंता संघ के सामूहिक निर्णय के साथ हैं।
निर्मल गेस्ट हाउस में अभियंता संगठनों की आपात बैठक
घटना के विरोध में मंगलवार शाम बिष्टुपुर स्थित निर्मल गेस्ट हाउस में झारखंड इंजीनियर्स सर्विस एसोसिएशन और डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन, झारखंड की संयुक्त आपात बैठक आयोजित की गई।बैठक में विधायक के कथित व्यवहार की निंदा करते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की गई।अभियंता संगठनों ने कहा कि सरकारी परियोजनाओं में कार्यरत अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
विधानसभा अध्यक्ष और विभागीय सचिव से करेंगे शिकायत
बैठक में निर्णय लिया गया कि घटना की लिखित शिकायत झारखंड विधानसभा अध्यक्ष, संबंधित विभाग के सचिव और उपायुक्त से की जाएगी।संगठनों ने मामले में उच्चस्तरीय हस्तक्षेप और अभियंताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।इसके साथ ही निर्णय लिया गया कि मामले में उचित संज्ञान लिए जाने तक दोनों संगठनों से जुड़े अभियंता विधायक के बुलावे पर उनसे मुलाकात नहीं करेंगे और न ही उनके किसी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कार्रवाई नहीं हुई तो कार्य बहिष्कार और चरणबद्ध आंदोलन
दोनों अभियंता संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि शासन और प्रशासन ने मामले में शीघ्र न्यायसंगत कार्रवाई नहीं की, तो वे संयुक्त रूप से कार्य बहिष्कार और चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति अपनाएंगे।संगठनों ने कहा कि अभियंताओं की सुरक्षा और आत्मसम्मान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
विधायक संजीव सरदार का पलटवार: “भ्रष्टाचार पर लगाई थी फटकार”
इंजीनियरों के आरोपों के जवाब में विधायक संजीव सरदार ने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। उन्होंने मारपीट की घटना को पूरी तरह से नकारते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ ग्रामीणों की शिकायत पर अधिकारियों को लताड़ लगाई थी।
विधायक ने स्पष्ट किया:ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि काम में पैसे लिए गए हैं और जो पैसे नहीं दे रहे हैं, उनका रास्ता रोक दिया गया है।विधायक ने इंजीनियरों से पूछा कि योजना स्थल पेसा क्षेत्र (PESA Area) के अंतर्गत आता है, तो क्या कार्य के लिए ग्राम सभा (Gram Sabha) की अनुमति ली गई थी? जिस पर अभियंताओं ने ‘नहीं’ में जवाब दिया।विधायक ने पूछा कि क्या राज्य कैबिनेट के नियमानुसार काम का विधिवत शिलान्यास हुआ है? इस पर भी अभियंताओं ने स्वीकार किया कि शिलान्यास नहीं हुआ है।
“ग्रामीणों को परेशान करने पर लगाई थी क्लास”
विधायक संजीव सरदार ने कहा, “जब बिना ग्राम सभा की अनुमति और शिलान्यास के काम हो रहा था, तो मैंने पूछा कि ग्रामीणों को परेशान क्यों किया जा रहा है? इसी बात पर मैंने दोनों अभियंताओं को जमकर फटकार लगाई थी। मारपीट की बात पूरी तरह से मनगढ़ंत और बेबुनियाद है।”
फिलहाल, इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। एक ओर इंजीनियर संघ सामूहिक आंदोलन और शिकायत की तैयारी कर रहा है, तो दूसरी ओर विधायक अपने रुख पर कायम हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव में क्या कदम उठाता है।
जमशेदपुर के पोटका विधायक संजीव सरदार पर स्वर्णरेखा नहर प्रमंडल के सरकारी इंजीनियरों से मारपीट और गाली-गलौज का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना से आक्रोशित इंजीनियरों ने बैठक कर विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है, जबकि विधायक ने आरोपों को सिरे से खारिज किया हैजमशेदपुर की हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहें। #JamshedpurNews #Jamshedpur #Potka #SanjeevSardar #JharkhandNews #EastSinghbhum #JharkhandPolitics #EngineerNews #SwarnarekhaProject #BreakingNews #LocalNews #JamshedpurUpdate
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