
जमशेदपुर।

कहा जाता है कि पत्र सिर्फ कागज़ का टुकड़ा नहीं होते, बल्कि वे अपनों की भावनाएं, उम्मीदें और खुशियों का प्रतीक होते हैं। बीते 34 वर्षों से जमशेदपुर की गलियों में इन्हीं खुशियों और संदेशों को पूरी ईमानदारी से घर-घर पहुंचाने वाले जमशेदपुर प्रधान डाकघर के वरिष्ठ डाकिया बुद्धेश्वर महतो सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनकी इस अनवरत और निष्कलंक सेवा के पूरे होने पर संपूर्ण डाक परिवार ने उन्हें एक भावुक और भव्य विदाई दी।
1992 से 2026 तक का सफर:
ग्रामीण डाक सेवक से डाकिया तक बुद्धेश्वर महतो का डाक विभाग के साथ रिश्ता महज एक नौकरी तक सीमित नहीं था, बल्कि यह समाज सेवा का एक अनूठा अनुष्ठान था। उन्होंने वर्ष 1992 में एक ‘ग्रामीण डाक सेवक’ (GDS) के रूप में डाक विभाग में अपने करियर की शुरुआत की थी। अपनी कड़ी मेहनत, अटूट ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति पूर्ण निष्ठा के बल पर, उन्होंने वर्ष 2015 में डाकिया (Postman) के पद पर पदोन्नति हासिल की और कदमा उपडाकघर में अपना योगदान दिया।
कदमा, अनिल सुर पथ और उलियान के लोगों से रहा खास जुड़ाव
कदमा उपडाकघर के अंतर्गत आने वाले अनिल सुर पथ और उलियान (Uliyan) क्षेत्र के लोग इस बात के गवाह हैं कि चाहे कड़कड़ाती धूप हो, मूसलाधार बारिश हो या कड़ाके की ठंड, बुद्धेश्वर महतो के कदमों की आहट कभी नहीं रुकी। उन्होंने इस क्षेत्र के घर-घर जाकर न सिर्फ पत्रों का वितरण किया, बल्कि अपनी सौम्य मुस्कान और अपनेपन से लोगों के दिलों में एक पारिवारिक सदस्य जैसी जगह बना ली थी। आज उनकी सेवानिवृत्ति पर क्षेत्र के स्थानीय लोग भी काफी भावुक हैं।
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शॉल, माला और उपहार देकर डाक परिवार ने किया सम्मानित
विदाई के इस गरिमामय अवसर पर जमशेदपुर प्रधान डाकघर में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। पूरा डाक परिवार अपने इस चहेते और कर्मठ साथी को विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा। समारोह में उपस्थित अधिकारियों और सहकर्मियों ने बुद्धेश्वर महतो को:
पारंपरिक शॉल ओढ़ाकर उनके राजकीय और सामाजिक योगदान को नमन किया।
पुष्पहार और भव्य पुष्प गुच्छ (Bouquet) भेंट कर उनके प्रति अपना आदर व्यक्त किया।
विभाग की ओर से एक विदाई स्मृति बैग और खास उपहार देकर सम्मानित किया।
सहकर्मियों ने कहा- “आपकी कमी हमेशा खलेगी”
विदाई समारोह के दौरान कई सहकर्मियों की आंखें नम हो गईं। वक्ताओं ने कहा कि बुद्धेश्वर महतो ने 34 वर्षों तक बिना किसी शिकायत के अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। वे नए कर्मचारियों के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत रहे हैं। पूरे डाक परिवार ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद सेवानिवृत्त जीवन की हृदय से कामना की।



