जमशेदपुर । शहर के धातकीडीह कुरैशी मुहल्ला में हाल ही में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना का पुलिस ने महज कुछ ही समय के भीतर सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जानलेवा हमले के मुख्य आरोपी सहित दो लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पकड़े गए अपराधियों के पास से पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार, जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था, लेकिन पुलिस की इस तत्परता ने स्थानीय जनता को बड़ी राहत दी है।
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पुरानी रंजिश और आपसी विवाद बना फायरिंग की मुख्य वजह
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति और आधिकारिक जानकारी के अनुसार, धातकीडीह कुरैशी मुहल्ला में हुई यह पूरी वारदात एक पुरानी रंजिश का नतीजा थी। इस मामले के शिकायतकर्ता और स्थानीय निवासी सरफराज कुरैशी उर्फ गामा ने पुलिस को बताया कि घटना से ठीक एक दिन पहले उसका आरोपियों के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद और झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश और गुस्से को लेकर अगले दिन आरोपियों ने सरफराज को जान से मारने की खौफनाक नीयत से उस पर फायरिंग कर दी। गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में किसी की जान नहीं गई और पीड़ित बाल-बाल बच गया।
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3 मई की घटना और पुलिस का त्वरित एक्शन
3 मई 2026 को धातकीडीह कुरैशी मुहल्ला में फायरिंग की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई। थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। सरफराज कुरैशी उर्फ गामा के बयान के आधार पर त्वरित रूप से प्राथमिकी दर्ज कर मामले की सघन जांच शुरू की गई। पुलिस ने अपनी गुप्त सूचनाओं के तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी सहायता के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। इस सघन अभियान के परिणामस्वरूप जल्द ही दोनों आरोपियों को आजादनगर थाना क्षेत्र से धर दबोचा गया।
मुख्य आरोपी इमरान का है लंबा आपराधिक इतिहास
इस पूरे मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान मो. इमरान उर्फ गौरे (उम्र 34 वर्ष) के रूप में हुई है, जबकि उसके सहयोगी का नाम मेहताब आलम (उम्र 20 वर्ष) बताया जा रहा है। पुलिस की विस्तृत जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि मुख्य आरोपी मो. इमरान उर्फ गौरे एक पेशेवर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में पहले से ही लगभग 10 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि वह महज एक महीने पहले ही जेल से सजा काटकर बाहर आया था और जेल से बाहर आते ही उसने फिर से अपराध की दुनिया में कदम रख दिया।
हथियार, कारतूस और बिना नंबर की बाइक जब्त
पुलिस ने इन अपराधियों की गिरफ्तारी के दौरान उनके पास से कई अहम सुराग और वारदात में प्रयुक्त चीजें बरामद की हैं। जब्त किए गए सामानों में एक देसी ऑटोमैटिक पिस्टल, 7.65 एमएम की एक जिंदा गोली, फायरिंग में इस्तेमाल किया गया एक खोखा और वारदात के समय उपयोग की गई एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल शामिल है। इस बाइक पर कोई नंबर प्लेट नहीं लगी थी, जिसका इस्तेमाल पुलिस को चकमा देने के लिए किया गया था। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। इस बात की भी पड़ताल की जा रही है कि अपराधियों को यह अवैध देसी ऑटोमैटिक पिस्टल कहां से सप्लाई की गई थी, ताकि हथियारों के इस सिंडिकेट को पूरी तरह से तोड़ा जा सके।



