
जमशेदपुर। टाटानगर रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों की लगातार हो रही लेटलतीफी ने अब एक बड़े जनाक्रोश का रूप ले लिया है। पिछले कई महीनों से टाटानगर पहुंचने वाली अधिकतर यात्री गाड़ियां अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं, जिससे आम यात्रियों, दैनिक यात्रियों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर अब ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन ने रेलवे प्रशासन और रेल मंत्रालय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फेडरेशन के पूर्वी भारत अध्यक्ष सतनाम सिंह गंभीर ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो एक वृहद और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

डीआरएम की अनदेखी और यात्रियों की बढ़ती परेशानी
ट्रेनों की इस निरंतर लेटलतीफी के कारण टाटानगर स्टेशन पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह स्थिति और भी दयनीय हो जाती है। सतनाम सिंह गंभीर ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस ज्वलंत समस्या को लेकर चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम (DRM) के साथ कई बार पत्राचार किया गया और उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया। इसके बावजूद, रेलवे प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी और नतीजा पूरी तरह से सिफर (शून्य) रहा। अधिकारियों की इस उदासीनता ने स्थानीय लोगों और संगठनों के गुस्से को और भड़का दिया है।
करोड़ों का मुनाफा, फिर भी सुविधाओं के नाम पर छलावा
टाटानगर रेलवे स्टेशन भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त स्टेशनों में से एक है। आर्थिक दृष्टिकोण से भी यह स्टेशन बेहद अहम है। सतनाम सिंह गंभीर ने आंकड़े पेश करते हुए हैरानी जताई कि टाटानगर रेलवे स्टेशन अकेले हर साल रेल मंत्रालय को लगभग एक सौ करोड़ रुपये का भारी-भरकम मुनाफा कमा कर देता है। वहीं, पूरा चक्रधरपुर रेल मंडल हर महीने करीब एक सौ करोड़ रुपये का राजस्व रेलवे को सौंपता है। इतने बड़े पैमाने पर मुनाफा देने वाले स्टेशन और रेल मंडल की रेल मंत्रालय द्वारा इस तरह अनदेखी करना न केवल हैरान करने वाला है, बल्कि यह जमशेदपुर की जनता के साथ सीधा अन्याय है।
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पांच हजार पत्रों के साथ होगा चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद
रेलवे के इस सुस्त और लापरवाह रवैये के खिलाफ ऑल इंडिया सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। सतनाम सिंह गंभीर ने ऐलान किया है कि रेल मंत्रालय को कुंभकर्णी नींद से जगाने के लिए फेडरेशन एक बड़ा और चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा। इस विरोध प्रदर्शन के पहले चरण के तहत, देश के रेल मंत्री को जमशेदपुर के नागरिकों और यात्रियों की तरफ से पांच हजार (5000) विरोध पत्र भेजे जाएंगे। इन पत्रों के माध्यम से रेल मंत्री को यहां की जमीनी हकीकत और यात्रियों के दर्द से रूबरू कराया जाएगा।
फेडरेशन ने साफ चेतावनी दी है कि पांच हजार पत्र भेजने के बाद भी यदि रेल मंत्रालय ने टाटानगर आने वाली ट्रेनों के परिचालन और समय-सारणी में सुधार नहीं किया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। जब तक रेल यात्रियों को हो रही इन अकारण परेशानियों को पूरी तरह से दूर नहीं कर दिया जाता, तब तक फेडरेशन चैन से नहीं बैठेगा और रेलवे के खिलाफ यह विरोध निरंतर जारी रहेगा।


