
जमशेदपुर।
पूर्वी सिंहभूम जिले के टेल्को क्षेत्र अंतर्गत श्रीनाथ रॉक गार्डन (मनपीटा) सहित हुरलुंग, लुपुंगडीह और नूतनडीह गांवों के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से चले आ रहे जलसंकट से निजात दिलाने के लिए इन इलाकों में बहुत जल्द पाइपलाइन के माध्यम से घर-घर जलापूर्ति शुरू होने जा रही है। इससे हजारों ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल की नियमित सुविधा मिल सकेगी।

पीएचईडी की तैयारी अंतिम चरण में
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने जानकारी दी कि हुरलुंग बृहत जलापूर्ति योजना के तहत लगभग 10 दिनों के भीतर पाइपलाइन से जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना का ट्रायल पहले ही सफल रहा है और अब इसे चरणबद्ध तरीके से पूरी तरह लागू किया जाएगा। इस योजना को दो फेज में धरातल पर उतारा जा रहा है।
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गर्मी में बढ़ जाता है जलसंकट
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में भूगर्भ जल स्तर काफी नीचे चला जाता है, जिससे मनपीटा, हुरलुंग, लुपुंगडीह और नूतनडीह जैसे इलाकों में पीने के पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। कई बार लोगों को दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर होना पड़ता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए इस महत्वाकांक्षी जलापूर्ति योजना की परिकल्पना की गई।
2023 में हुई थी योजना की शुरुआत
ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 2023 में श्रीनाथ होम्स नामक भवन निर्माण कंपनी के प्रबंध निदेशक सुखदेव महतो ने स्थानीय विधायक मंगल कालिंदी एवं तत्कालीन कार्यपालक अभियंता शिशिर सोरेन के साथ समन्वय स्थापित कर इस योजना की शुरुआत करवाई थी। इसका उद्देश्य आसपास के ग्रामीण इलाकों को सुरक्षित और स्थायी पेयजल उपलब्ध कराना था।
10.5 करोड़ की लागत, आधुनिक व्यवस्था
लगभग 10.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना की क्षमता 1 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है। योजना के तहत दो जल मीनार और एक आधुनिक फिल्टर प्लांट का निर्माण किया गया है। साथ ही करीब 30 से 32 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाकर गांव-गांव तक जलापूर्ति की व्यवस्था की गई है।
800 परिवारों को होगा सीधा लाभ
इस जलापूर्ति योजना के शुरू होने से टेल्को स्थित श्रीनाथ रॉक गार्डन के लगभग 800 परिवारों को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा। साथ ही आसपास के गांवों के हजारों घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचेगा। आने वाले 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई यह योजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। योजना को लेकर स्थानीय लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल है।


