
जमशेदपुर।


दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची एवं चक्रधरपुर रेल मंडल से जुड़े सांसदों की मंडल समिति की अहम बैठक गुरुवार को रांची स्थित Radisson Blu Ranchi में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने की। बैठक में जहां यात्रियों से जुड़े कई लंबे समय से लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई, वहीं टाटानगर से कई महत्वपूर्ण यात्री ट्रेनों को आदित्यपुर स्टेशन से संचालित करने के प्रस्ताव पर तीखा विरोध दर्ज कराया गया।
बैठक की शुरुआत, सांसद ने किया स्वागत
अध्यक्षीय संबोधन में सांसद विद्युत वरण महतो ने समिति के सभी सदस्यों और रेलवे अधिकारियों का स्वागत किया। इसके बाद बैठक की औपचारिक कार्यवाही शुरू हुई। बैठक में सांसदों और उनके प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े रेल संबंधी मुद्दे उठाए, जिन पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने बिंदुवार जवाब दिए।
आदित्यपुर से ट्रेनों के संचालन पर विरोध
बैठक के दौरान सांसद विद्युत वरण महतो ने जानकारी दी कि उन्हें सूचना मिली है कि टाटानगर से चलने वाली कई पुरानी और महत्वपूर्ण ट्रेनों—जैसे दुर्ग–दानापुर, टाटानगर–बक्सर, टाटानगर–थावे, जलियांवाला बाग, टाटा–यशवंतपुर, टाटा–एर्नाकुलम, टाटा–जम्मू तवी और टाटा–विशाखापत्तनम—का टर्मिनल आदित्यपुर किए जाने का प्रस्ताव है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे इस प्रस्ताव का घोर विरोध करते हैं और किसी भी स्थिति में टाटानगर से चलने वाली यात्री ट्रेनों को शिफ्ट नहीं होने देंगे।
रेलवे ने देर रात जारी किया नोटिफिकेशन
दिलचस्प बात यह रही कि बैठक के समाप्त होने के बाद देर रात दक्षिण पूर्व रेलवे ने टाटा–विशाखापत्तनम एक्सप्रेस सहित 8 ट्रेनों का संचालन आदित्यपुर स्टेशन से करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। इस कदम से यात्रियों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी और बहस तेज हो गई है।
ट्रेन लेटलतीफी से यात्री परेशान
सांसद ने चक्रधरपुर और चांडिल से टाटानगर आने वाली यात्री ट्रेनों की लगातार देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अत्यधिक विलंब के कारण यात्रियों को रोजमर्रा में भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है और इससे आम जनता में रेल प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ रहा है।
नई रेलवे लाइन का वैकल्पिक सुझाव
समस्या के स्थायी समाधान के रूप में सांसद महतो ने चांडिल–बोड़ाम–पटमदा–कटिन–बंदवान होते हुए झाड़ग्राम तक नई रेलवे लाइन के निर्माण की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह लाइन हावड़ा–मुंबई रूट पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगी और एक बाइपास की तरह काम करेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रस्तावित लाइन के लिए पहले इंजीनियरिंग सह यातायात सर्वेक्षण हो चुका है, लेकिन उसके बाद कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
टाटानगर स्टेशन रीडेवलपमेंट और विस्थापन
बैठक में टाटानगर स्टेशन के रीडेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत रेलवे लीज पर बसे दुकानों, मकानों और संस्थानों के विस्थापन का मुद्दा भी उठाया गया। सांसद ने कहा कि नियमानुसार सभी प्रभावित लीजधारकों का पुनर्वास अनिवार्य है, ताकि उनकी आजीविका पर कोई असर न पड़े। उन्होंने अन्य रेल जोनों के उदाहरण देते हुए कहा कि वहां विकास के साथ पुनर्वास भी सुनिश्चित किया गया है।
सालगाझुरी अंडरपास और नए ओवरब्रिज की मांग
सांसद ने बताया कि सालगाझुरी अंडरपास (RUB) का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, इसलिए इसे अविलंब चालू किया जाए। इसके अलावा परसुडीह-मकदमपुर और सुंदरनगर रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण की भी मांग रखी गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में रेल संपर्क पर जोर
कुदादा में नए रेल अंडरपास (RUB) के निर्माण और सिदिरसाई हॉल्ट पर यात्री सुविधाओं के विस्तार की मांग भी प्रमुख रही। इसमें प्लेटफॉर्म पर प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा और शौचालय निर्माण शामिल हैं।
नई ट्रेन सेवाओं की मांग
बैठक में टाटानगर से दीघा के लिए नई ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग रखी गई। साथ ही टाटा–काटपाडी–तिरूपति होते हुए बेंगलुरु तक नई ट्रेन सेवा शुरू करने की जरूरत बताई गई, ताकि शिक्षा, रोजगार और इलाज के लिए दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके।
ट्रेनों के विस्तार और रूट परिवर्तन के प्रस्ताव
सांसद ने साउथ बिहार एक्सप्रेस को आरा से आगे बक्सर तक विस्तारित करने, हावड़ा–जोधपुर ट्रेन को वाया टाटानगर चलाने और टाटानगर–रांची इंटरसिटी एक्सप्रेस को डालटनगंज तक बढ़ाने की मांग रखी।
यात्री सुविधाओं पर विशेष जोर
टाटानगर सेकेंड इंट्री गेट पर फ्री ड्रॉपिंग लेन की सुविधा, चक्रधरपुर और चांडिल से आने वाली ट्रेनों की देरी पर स्पष्टिकरण तथा टाटानगर–अमृतसर जलियांवाला बाग एक्सप्रेस को तत्काल बहाल करने का मुद्दा भी बैठक में रखा गया।
रेल अधिकारियों ने दिया आश्वासन
रेलवे अधिकारियों ने सांसद और अन्य सदस्यों द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। बैठक को कोल्हान क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार और यात्री हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



