
जमशेदपुर:

जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के तत्वावधान में एक दिवसीय पिकनिक का सफल आयोजन झारखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहारभंगा पिकनिक स्पॉट में किया गया। यह आयोजन संघ के उपाध्यक्ष चैतन्य शिरोमणी के नेतृत्व एवं आपसी सहमति से संपन्न हुआ।
सौहार्द और समन्वय का उद्देश्य
इस एक दिवसीय पिकनिक का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के बीच आपसी सौहार्द, सहयोग, पारस्परिक समझ और संगठनात्मक एकता को और अधिक मजबूत करना था। आयोजन पूरी तरह मनोरंजनात्मक, सौहार्दपूर्ण और समन्वयात्मक वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सभी वर्गों की रही सहभागिता
पिकनिक में विश्वविद्यालय के परमानेंट, वोकेशनल, आउटसोर्सिंग एजेंसी से जुड़े तथा सेवानिवृत्त शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। पहली बार सभी वर्गों के शिक्षकेत्तर कर्मचारी एक मंच पर एकजुट नजर आए, जिससे संगठनात्मक एकता को नया आयाम मिला और आपसी संवाद को मजबूती मिली।
आयोजन में इनकी रही अग्रणी भूमिका
कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में श्री जय किशोर प्रसाद, श्री तपन पात्रा, श्री भीमसेन पूरन एवं श्री चैतन्य शिरोमणी की विशेष भूमिका रही। सभी ने समन्वय के साथ व्यवस्थाओं को संभालते हुए कार्यक्रम को यादगार बनाया।
मानसिक उत्साहवर्धन की पहल
शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघ के सदस्यों ने कहा कि शिक्षकेत्तर कर्मचारी विश्वविद्यालय के शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं दैनिक कार्यों के सुचारु संचालन में निरंतर निष्ठा, परिश्रम और समर्पण के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इस तरह के आयोजनों से कर्मचारियों को मानसिक सुकून, सकारात्मक ऊर्जा और कार्य के प्रति नई प्रेरणा मिलती है।
कार्यदबाव से मिला अल्पकालिक विश्राम
पिकनिक के माध्यम से कर्मचारियों को दैनिक कार्यदबाव से कुछ समय का विश्राम मिला। प्राकृतिक वातावरण, आपसी संवाद और मनोरंजन गतिविधियों ने कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार किया। इससे आने वाले समय में उनकी कार्यक्षमता, सकारात्मक दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता में वृद्धि होने की उम्मीद जताई गई।
गरिमा और अनुशासन के साथ आयोजन
पूरे कार्यक्रम को विश्वविद्यालय की गरिमा, अनुशासन और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित किया गया। प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामूहिक कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
विश्वविद्यालय परिवार की भावना सुदृढ़
शिक्षकेत्तर कर्मचारियों का मानना है कि इस प्रकार के सामूहिक आयोजनों से न केवल आपसी संबंध प्रगाढ़ होते हैं, बल्कि विश्वविद्यालय परिवार की भावना भी और अधिक सुदृढ़ होती है। यह आयोजन संगठनात्मक एकता और सहयोग का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आया।


