जमशेदपुर। सिखों के प्रथम गुरु धन-धन श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 557वें पावन प्रकाशपर्व को लेकर जमशेदपुर में धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल बनने लगा है। प्रकाशोत्सव के अवसर पर साकची गुरुद्वारा साहिब में इस वर्ष भी नगरकीर्तन का भव्य स्वागत किया जाएगा। नगरकीर्तन के गुरुद्वारा परिसर पहुंचने पर पुष्पवर्षा से स्वागत होगा। वहीं, आकर्षक आतिशबाजी और रंग-बिरंगी रोशनी से आसमान जगमगा उठेगा।
इस संबंध में बुधवार को गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची की बैठक प्रधान सरदार निशान सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में प्रकाशपर्व की तैयारियों और नगरकीर्तन के स्वागत को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
24 नवंबर को नगरकीर्तन का होगा भव्य स्वागत
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के अनुसार, 24 नवंबर को सोनारी गुरुद्वारा साहिब से निकलने वाला नगरकीर्तन साकची गुरुद्वारा पहुंचेगा। इस दौरान संगत की ओर से नगरकीर्तन का भव्य स्वागत किया जाएगा। पूरे गुरुद्वारा परिसर को आकर्षक रोशनी से सजाया जाएगा तथा पुष्पवर्षा और आतिशबाजी के माध्यम से श्रद्धा एवं उत्साह का प्रदर्शन किया जाएगा।
कमिटी के प्रधान सरदार निशान सिंह ने बताया कि 24 नवंबर को दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक गुरु का लंगर बरताया जाएगा। उन्होंने संगत से निर्धारित समय का ध्यान रखते हुए गुरुद्वारा साहिब पहुंचने और प्रकाशपर्व की खुशियों में शामिल होने की अपील की।
19 से 23 नवंबर तक निकलेगी पांच दिवसीय प्रभात फेरी
कमिटी के महासचिव परमजीत सिंह काले ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की परंपरा के अनुसार इस बार भी प्रकाशपर्व के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय प्रभात फेरी निकाली जाएगी। इसकी शुरुआत 19 नवंबर को होगी और 23 नवंबर को समापन होगा।
उन्होंने बताया कि 22 नवंबर को गुरुद्वारा साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ किया जाएगा। इसी दिन निशान साहिब का चोला भी धार्मिक मर्यादा और श्रद्धा के साथ बदला जाएगा।
24 नवंबर को सजेगा विशेष कीर्तन दरबार
गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के ट्रस्टी सतनाम सिंह सिद्धू ने बताया कि 24 नवंबर को साकची गुरुद्वारा साहिब में विशेष कीर्तन दरबार का आयोजन किया जाएगा। इसमें संगत गुरु की पावन गुरबाणी का श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त करेगी। इस अवसर पर गुरु का अटूट लंगर भी बरताया जाएगा।
महिलाओं की संस्थाओं ने भी तैयारियों में दिखाई सक्रियता
बैठक में सिख स्त्री सत्संग सभा की अध्यक्ष बीबी जतिंदरपाल कौर, बीबी मनजीत कौर और बीबी चरण कौर ने अपने विचार रखे। वहीं, सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्थे की बीबी गुरमीत कौर, कमलजीत कौर और रतनजीत कौर ने भी प्रकाशपर्व को श्रद्धा, सेवा और सामूहिक सहयोग के साथ सफल बनाने पर जोर दिया।
बैठक में प्रधान निशान सिंह, महासचिव परमजीत सिंह काले, ट्रस्टी सतनाम सिंह सिद्धू, सरदार रबीन्द्र सिंह, कोषाध्यक्ष बलबीर सिंह, त्रिलोचन सिंह तोची, सुरजीत सिंह सीते, सतिंदर सिंह रोमी, बरयाम सिंह, अजायब सिंह, सुखविंदर सिंह निक्कू, गुरमीत कौर, राजबीर कौर, कमलजीत कौर, रतनजीत कौर, मनजीत कौर, चरण कौर, मनोहर सिंह मित्ता, नरेंद्र कौर, प्रीतपाल सिंह, जगजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, राजेंद्र सिंह, सन्नी सिंह बरियार, गुरबख्श सिंह बरियार, अमरपाल सिंह और दलजीत सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 557वें प्रकाशपर्व को ऐतिहासिक और सफल बनाने का संकल्प लिया।


