जमशेदपुर।
लौहनगरी जमशेदपुर की माटी से जन्म लेकर देश-दुनिया में अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाने वाले प्रतिष्ठित ब्रांड ‘श्रीलेदर्स’ ने मंगलवार को अपने दूरदर्शी संस्थापक सुरेश चंद्र डे का 115वां फाउंडर्स डे (संस्थापक दिवस) अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। इस विशेष अवसर पर शहर के बिष्टुपुर के-रोड स्थित मुख्य शोरूम परिसर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां संस्थापक के अमूल्य योगदान, उनके उच्च आदर्शों और जीवन मूल्यों को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
जमशेदपुर शहर हमारे लिए हमेशा सर्वोपरि: शेखर डे
इस भावुक और गौरवशाली अवसर पर श्रीलेदर्स के पार्टनर और वरिष्ठ समाजसेवी शेखर डे ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि श्रीलेदर्स परिवार के लिए जमशेदपुर शहर हमेशा से प्रथम और सर्वोपरि रहा है। उनका पूरा परिवार इसी शहर के माहौल में पला-बढ़ा और यहीं के स्कूलों से शिक्षा प्राप्त की। शेखर डे ने बेहद गर्व के साथ एक बड़ी बात कही कि जिस तरह वैश्विक औद्योगिक कंपनी ‘टाटा स्टील’ की शुरुआत भी जमशेदपुर से ही हुई थी, ठीक उसी तरह श्रीलेदर्स ने भी इसी शहर से अपनी व्यावसायिक यात्रा शुरू कर आज न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है।
स्वतंत्रता सेनानी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है श्रीलेदर्स
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि आज से करीब 74 वर्ष पूर्व, देश की आजादी के सिपाही और स्वतंत्रता सेनानी सुरेश चंद्र डे ने इस संस्थान की मजबूत नींव रखी थी। एक स्वतंत्रता सेनानी होने के नाते उनका मुख्य उद्देश्य केवल व्यापार कर मुनाफा कमाना नहीं था, बल्कि समाज के समग्र कल्याण के लिए हमेशा समर्पित रहना था। उनकी अथक मेहनत, कार्य के प्रति ईमानदारी और व्यवसाय को लेकर स्पष्ट सोच ने ही श्रीलेदर्स को आज व्यापार जगत में एक विश्वस्त और मजबूत पहचान दिलाई है।
1952 के एक छोटे शोरूम से अंतरराष्ट्रीय ब्रांड बनने का सफर
वर्ष 1952 में जमशेदपुर में एक बहुत ही छोटे शोरूम के रूप में श्रीलेदर्स का सफर शुरू हुआ था। उस दौर में शायद ही किसी ने सोचा होगा कि किफायती और टिकाऊ उत्पाद देने वाली यह छोटी सी दुकान एक दिन पूरे देश पर छा जाएगी। बेहतरीन गुणवत्ता वाले उत्पादों और ग्राहकों के असीम विश्वास के बल पर यह ब्रांड आज पूरे भारत के कोने-कोने में अपना व्यापारिक विस्तार कर चुका है। इतना ही नहीं, वर्तमान में श्रीलेदर्स विदेशों में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है, जो जमशेदपुर के लिए भी एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति और आदर्शों पर चलने का संकल्प
बिष्टुपुर शोरूम में आयोजित इस श्रद्धांजलि सह स्मृति कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में विशेष रूप से श्रीलेदर्स की पार्टनर ज्योत्सना डे और सुशांतो डे के अलावा सुभाष संस्कृति परिषद के सचिव सुरोजित चटर्जी, द मिलानी बिष्टुपुर की सदस्य प्रीतिलेखा रॉय, प्रमुख समाजसेवी अल्पना भट्टाचार्जी, झारखंड बंगाली समिति की झरना कर, पी.के. नंदी और बिमल चक्रवर्ती जैसे कई प्रतिष्ठित चेहरे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन के दौरान श्रीलेदर्स के सभी कर्मचारियों, प्रबंधन और शहर के अनेक नागरिकों ने संस्थापक सुरेश चंद्र डे के दिखाए हुए जनसेवा और ईमानदारी के मार्ग तथा आदर्शों को आगे बढ़ाने का दृढ़ संकल्प लिया।






