
जमशेदपुर।
Jamshedpur Women’s University की एन.एस.एस. इकाई की छात्राओं द्वारा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना Jal Jeevan Mission के अंतर्गत एक विशेष जल महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण और प्रभावी जल प्रबंधन के प्रति जागरूक करना था। साथ ही स्थानीय समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।
रैली और पोस्टर के माध्यम से दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान एन.एस.एस. छात्राओं ने शहर में जागरूकता रैली निकाली, जिसमें जल संरक्षण और जल सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। छात्राओं ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर लोगों को पानी के महत्व के बारे में जागरूक किया। पोस्टरों के माध्यम से यह बताया गया कि जल का संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के हर व्यक्ति का कर्तव्य है।
नुक्कड़ नाटक से किया जागरूक
जल महोत्सव के दौरान छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया। इस नाटक के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि यदि समय रहते जल संरक्षण के उपाय नहीं अपनाए गए तो आने वाले समय में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो सकती है। नाटक ने आम लोगों का ध्यान आकर्षित किया और लोगों को जल बचाने के लिए प्रेरित किया।
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स्वच्छता अभियान भी चलाया गया
इस अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय की एन.एस.एस. टीम ने शहर के विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता अभियान भी चलाया। विशेष रूप से भोज्य सामग्री विक्रेताओं और ठेला लगाने वाले दुकानदारों को साफ-सफाई के महत्व के बारे में बताया गया। छात्राओं ने उन्हें समझाया कि खाने-पीने की वस्तुओं को स्वच्छ वातावरण में तैयार करना और परोसना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षकों का मिला मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के कई शिक्षकों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर डी.एस.डब्ल्यू. डॉ. किश्वर आरा, प्रॉक्टर डॉ. सुधीर कुमार साहू, डीन कॉमर्स डॉ. दीपा शरण, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर डॉ. ग्लोरिया पूर्ति, प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. डी. पुष्पलता और डॉ. छगनलाल अग्रवाल ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया।
समाज में सकारात्मक संदेश
जल महोत्सव के माध्यम से छात्राओं ने यह संदेश दिया कि जल ही जीवन है और इसका संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय लोगों में जल के महत्व के प्रति सकारात्मक जागरूकता देखने को मिली। विश्वविद्यालय की इस पहल को लोगों ने सराहा और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की उम्मीद जताई।




