
जमशेदपुर के सोना देवी विश्वविद्यालय (Sona Devi University) के छात्रों ने एक बार फिर कॉर्पोरेट जगत में अपनी सफलता का परचम लहराया है। विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के 27 विद्यार्थियों का चयन गुजरात के अहमदाबाद (भायला) स्थित प्रतिष्ठित कंपनी याजाकी इंडिया प्राईवेट लिमिटेड (Yazaki India Private Limited) में इंटर्नशिप के लिए हुआ है। सभी चयनित छात्रों ने आज से कंपनी में अपना योगदान देना शुरू कर दिया है, जिससे पूरे विश्वविद्यालय परिसर और छात्रों के बीच भारी उत्साह का माहौल है।
दो महीने की होगी पेड इंटर्नशिप (Paid Internship)
विश्वविद्यालय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, यह एक 2 महीने की पेड इंटर्नशिप (Two Months Paid Internship) है। इसमें बीटेक (B.Tech), बीसीए (BCA), बीबीए (BBA) और बी.कॉम (B.Com) के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। छात्रों के लिए यह न केवल एक वित्तीय प्रोत्साहन है, बल्कि देश की एक दिग्गज ऑटोमोटिव कंपोनेंट निर्माता कंपनी में काम करने का एक शानदार व्यावहारिक अनुभव भी साबित होगा।
ऑटोमोटिव सेक्टर की दिग्गज कंपनी है याजाकी इंडिया
याजाकी इंडिया प्राईवेट लिमिटेड वाहनों में उपयोग होने वाले महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण करती है। यह कंपनी मुख्य रूप से स्पीडोमीटर, टैकोमीटर, विभिन्न प्रकार के गेज और इंस्ट्रूमेंट पैनल बनाती है। इसके अलावा, याज़ाकी ग्रुप वैश्विक स्तर पर एयर कंडीशनर, सौर उपकरण, गैस उपकरण, बिजली के तार और ऑटोमोटिव घटक (विशेष रूप से वायर हार्नेस और इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स) का निर्माण करता है। कंपनी के वायरिंग हार्नेस का उपयोग गाड़ियों के इंजन प्रबंधन, इंफोटेनमेंट और सुरक्षा प्रणालियों (Safety Systems) जैसे क्रिटिकल एरिया में किया जाता है।
कुलपति ब्रज मोहन पाट पिंगुआ ने छात्रों को दीं शुभकामनाएं
इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर सोना देवी विश्वविद्यालय के कुलपति ब्रज मोहन पाट पिंगुआ ने सभी छात्रों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा:
“यह इंटर्नशिप सभी विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक बेहतरीन अवसर है। इस समय का सदुपयोग करें और अपने कौशल विकास (Skill Development) पर विशेष ध्यान दें। इंटर्नशिप के दौरान केवल व्यवहारिक ज्ञान (Practical Knowledge) ही नहीं मिलता, बल्कि कार्यस्थल पर टीम वर्क, स्वस्थ प्रतियोगिता की भावना, नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills) और संप्रेषण कौशल (Communication Skills) का भी विकास होता है। विद्यार्थी पूरे मनोयोग से काम करें, अपना भविष्य संवारें और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करें।”


