
जमशेदपुर ।


करीम सिटी कॉलेज के प्लेसमेंट सेल ने ईक्यूएसी (EQAC) और बजाज फाइनेंस लिमिटेड के साथ मिलकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण “राष्ट्रव्यापी धोखाधड़ी जागरूकता अभियान” (Nationwide Fraud Awareness Campaign) का सफल आयोजन किया। 5 अगस्त 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति छात्र-छात्राओं और समाज को जागरूक करना था। इस विशेष सत्र में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और डिजिटल दुनिया की सुरक्षा बारीकियों को समझा।
साइबर सुरक्षा वर्तमान डिजिटल युग की सबसे बड़ी जरूरत
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य मोहम्मद रेयाज़ ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के इस तेजी से बदलते डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा की जानकारी होना प्रत्येक व्यक्ति के लिए नितांत आवश्यक है। ईईयू कॉर्डिनेटर अनवर साहब ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें अपनी डिजिटल पहचान का सही और सुरक्षित इस्तेमाल करने की अहम सलाह दी। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे सोशल मीडिया और इंटरनेट का पूरी जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें और भूलकर भी अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
साइबर ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत करें शिकायत
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बिष्टुपुर साइबर क्राइम थाने के ऑफिस इंचार्ज श्रीनिवास उपस्थित रहे। उन्होंने समाज में बढ़ते साइबर अपराधों के नए तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को फिशिंग, ओटीपी (OTP) धोखाधड़ी, यूपीआई (UPI) फ्रॉड, पहचान की चोरी (Identity Theft), फर्जी नौकरी के लालच, सोशल मीडिया ठगी और साइबर बुलिंग जैसे गंभीर अपराधों से सतर्क किया। उन्होंने अधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई साइबर अपराध का शिकार हो जाता है, तो उसे घबराने के बजाय तुरंत ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930’ पर कॉल करना चाहिए तथा ‘राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल’ पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
डिजिटल लेन-देन और भुगतान में बरतें खास सावधानी
कार्यक्रम के दूसरे वक्ता, ऐप डेवलपर रोहित सिंह ने पीपीटी (PPT) प्रेजेंटेशन के माध्यम से तकनीकी पहलुओं को बेहद आसान शब्दों में समझाया। उन्होंने डिजिटल भुगतान करते समय बरती जाने वाली विशेष सावधानियों के बारे में बताया और छात्रों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, एटीएम पिन (ATM PIN), सीवीवी (CVV) या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
इस महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम के दौरान प्लेसमेंट सेल कॉर्डिनेटर जी विजयलक्ष्मी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन आफताब आलम ने प्रस्तुत किया, जबकि पूरे सत्र का बेहतरीन और सफल संचालन अफिफा जमन द्वारा किया गया।


