
जमशेदपुर: पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए लौहनगरी जमशेदपुर में नदी और पर्वत पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस सम्मेलन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार, 22 मई को सुबह 10 बजे से साकची स्थित मोती लाल नेहरू पब्लिक स्कूल के ऑडिटोरियम में होगी। दो दिनों तक चलने वाले इस महामंथन में देश के जाने-माने पर्यावरणविद, न्यायविद और वैज्ञानिक शामिल होकर नदियों और पहाड़ों को बचाने का रोडमैप तैयार करेंगे।
दिग्गजों की मौजूदगी में होगा उद्घाटन सत्र
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश वी. गोपाला गोवड़ा और ‘जलपुरुष’ के नाम से विख्यात राजेंद्र सिंह संयुक्त रूप से करेंगे। उद्घाटन सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, प्रख्यात पर्यावरणविद दिनेश मिश्र, डॉ. गोपाल शर्मा, बी. सत्यनारायणा, बिभूति देबबर्मा और अरुण कुमार शुक्ला उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण, भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारी सिद्धार्थ त्रिपाठी और एमिटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर पीयूष कांत पाण्डेय समेत कई विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
तकनीकी सत्र: जल और पर्वत संरक्षण अधिनियम पर विमर्श
उद्घाटन सत्र के ठीक बाद, दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक पहला तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सत्र का मुख्य विषय ‘पर्वत और जल संरक्षण, संवर्धन तथा इसके लिए सख्त संरक्षण अधिनियम की आवश्यकता’ रखा गया है। इस विषय पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए 9 प्रमुख वक्ता अपनी बात रखेंगे और मौजूदा चुनौतियों से निपटने के उपाय सुझाएंगे।
ग्रुप डिस्कशन: तैयार होगा कानून का मसौदा
दोपहर बाद 3 बजे से शाम 5 बजे तक दूसरा तकनीकी सत्र होगा। यह सत्र पूरी तरह से एक ग्रुप डिस्कशन (सामूहिक चर्चा) के रूप में रहेगा, जिसका केंद्र बिंदु ‘पर्वतों के संरक्षण के लिए बनने वाले कानून का मसौदा (Draft Law)’ तय करना है। इस चर्चा में कुल 12 पर्यावरण और कानूनी विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। विशेषज्ञ इस बात पर गहन मंथन करेंगे कि प्रस्तावित कानूनी मसौदे में किन नई धाराओं को जोड़ना है और किसे हटाना है। इसके बाद, शाम 5.45 से 7.45 बजे तक तीसरा तकनीकी सत्र होगा, जिसमें 10 पैनलिस्ट डिजिटल प्रजेंटेशन और डिस्कशन के जरिए अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।
सात संस्थाएं मिलकर कर रही हैं आयोजन
नदी और पर्वत को बचाने की इस बड़ी मुहिम को सफल बनाने के लिए देश की सात बड़ी संस्थाएं एक साथ आई हैं। इस सम्मेलन का संयुक्त आयोजन युगांतर भारती, स्वर्णरेखा क्षेत्र विकास ट्रस्ट, तरुण भारत संघ, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, जल बिरादरी, नेचर फाउंडेशन और मिशन Y द्वारा किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय सम्मेलन के संरक्षक सरयू राय ने बताया कि कई डेलीगेट्स (प्रतिनिधि) जमशेदपुर पहुंच चुके हैं और शेष गुरुवार शाम तक आ जाएंगे। सम्मेलन के दौरान एक विशेष स्मारिका (Souvenir) का विमोचन भी किया जाएगा।


