
जमशेदपुर।

टाटा स्टील लिमिटेड की 119वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कंपनी के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए शानदार प्रदर्शन की घोषणा की है। शेयरधारकों को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि टाटा स्टील का समेकित राजस्व 6% बढ़कर ₹2,32,140 करोड़ हो गया है। भारत में कंपनी ने 23.4 मिलियन टन कच्चे स्टील का रिकॉर्ड उत्पादन किया और 22.5 मिलियन टन की डिलीवरी की। समेकित एबिटडा (EBITDA) 35% की जबरदस्त छलांग के साथ ₹34,848 करोड़ पहुंच गया है, जबकि कर पश्चात लाभ (PAT) 243% बढ़कर ₹10,886 करोड़ हो गया है। कंपनी ने अपने समेकित शुद्ध ऋण को घटाकर ₹80,144 करोड़ कर लिया है, और निवेशकों के लिए ₹4 प्रति शेयर लाभांश (Dividend) की सिफारिश की है।
भारत में मेगा क्षमता विस्तार और नए अधिग्रहण
चेयरमैन ने कंपनी के रणनीतिक विस्तार पर जोर देते हुए बताया कि कलिंगनगर में चरण-II विस्तार के पूरा होने के साथ ही टाटा स्टील की कुल उत्पादन क्षमता अब 26.1 एमटीपीए (MTPA) हो गई है। इसके तहत कलिंगनगर साइट की क्षमता 3 से बढ़कर 8 एमटीपीए हो गई है, जिसमें भारत का सबसे बड़ा ब्लास्ट फर्नेस शामिल है। इसके अलावा, लुधियाना में 0.75 एमटीपीए क्षमता वाले नए इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस का उद्घाटन किया गया है और एनआईएनएल (NINL) के टाटा स्टील में विलय को भी बोर्ड ने मंजूरी दे दी है, जो कंपनी के लॉन्ग-टर्म विजन का अहम हिस्सा है।
यूरोप में ग्रीन स्टीलमेकिंग और पर्यावरण सुधार की दिशा में कदम
यूरोपीय परिचालन को लेकर एन चंद्रशेखरन ने कहा कि यूके (UK) के पोर्ट टालबोट में 1.25 बिलियन पाउंड के ईएएफ (EAF) प्रोजेक्ट की शुरुआत हो चुकी है। यह यूके सरकार की साझेदारी में सबसे बड़ा कम-कार्बन (Low-Carbon) स्टीलमेकिंग ट्रांजिशन है। नीदरलैंड्स में एबिटडा तीन गुना बढ़कर 267 मिलियन यूरो हो गया है, हालांकि वहां पर्यावरण नियमों की सख्त चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके समाधान के लिए डच सरकार के साथ बातचीत जारी है।
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और सामाजिक जिम्मेदारी (CSR)
डिजिटल क्रांति पर फोकस करते हुए कंपनी ने अपनी वैल्यू चेन में 860 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल तैनात किए हैं, जिससे सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता में भारी सुधार हुआ है। कंपनी के डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘आशियाना’ और ‘डिजिईसीए’ का ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) 161% की वृद्धि के साथ ₹9,360 करोड़ तक पहुंच गया है। इसके अलावा, कंपनी ने सीएसआर (CSR) गतिविधियों के तहत भारत में ₹473 करोड़ खर्च किए हैं, जिससे 6.9 मिलियन लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।


