
जमशेदपुर: पोटका प्रखंड अंतर्गत झारखंड का प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मुक्तेश्वर धाम हरिणा अब एक नए और भव्य स्वरूप में नजर आने वाला है। मंदिर परिसर में 11 नए मंदिरों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जबकि पुराने काली मंदिर और शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कर उन्हें बेहद आकर्षक बनाया जा रहा है। आगामी मेले की तैयारियों को लेकर पोटका विधानसभा के विधायक संजीव सरदार ने वन विभाग के अधिकारियों, संवेदक और मंदिर समिति के सदस्यों के साथ पूरे परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला शुरू होने से पहले सभी शेष कार्यों को हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
राजस्थान के पत्थरों और कारीगरों से निखर रही मंदिरों की नक्काशी
मुक्तेश्वर धाम परिसर में राम मंदिर, पार्वती मंदिर, कार्तिक मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, सरस्वती मंदिर, शनि मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर और गणेश मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। इसके साथ ही पुराने काली मंदिर और शिव मंदिर को भी भव्य रूप दिया जा रहा है। इस निर्माण कार्य की सबसे खास बात यह है कि इसके लिए विशेष रूप से राजस्थान से नक्काशीदार पत्थर मंगाए गए हैं। इन मंदिरों को पारंपरिक और अद्वितीय स्वरूप देने के लिए राजस्थान के ही कुशल कारीगर दिन-रात जुटे हुए हैं।
28 हेक्टेयर में बायो डाइवर्सिटी पार्क: पर्यटन और रोज़गार को मिलेगी नई उड़ान
मुक्तेश्वर धाम को न सिर्फ एक धार्मिक स्थल, बल्कि झारखंड के एक प्रमुख इको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। परिसर के समीप 28 हेक्टेयर क्षेत्र में बायो डाइवर्सिटी पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जिसका 80% काम पूरा हो चुका है।
मुख्य आकर्षण: पार्क में 22 आधुनिक कॉटेज, आकर्षक ट्री हाउस, बच्चों के लिए झूले, खूबसूरत पाथ-वे, पिकनिक स्पॉट और म्यूजिकल फव्वारे बनाए जा रहे हैं।
रोजगार के अवसर: इस परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन बढ़ेगा, जिससे स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
आस्था का महासंगम: 14 जून से लगेगा पांच दिवसीय ऐतिहासिक मेला
हर वर्ष 14 जून से मुक्तेश्वर धाम में पांच दिवसीय भव्य मेले का आयोजन होता है। इस मेले में झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत चार राज्यों से करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा मुक्तेश्वर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विधायक संजीव सरदार ने मंदिर समिति के साथ बैठक की और पेयजल, पार्किंग, सुरक्षा तथा लाइट जैसी सभी मूलभूत व्यवस्थाओं को समय से पहले दुरुस्त करने का सख्त निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ‘अबुआ सरकार’ की बड़ी पहल
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार झारखंड की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के प्रयासों से मुक्तेश्वर धाम को राज्य सरकार की आधिकारिक पर्यटन सूची में शामिल किया गया है, जिसके सौंदर्यीकरण पर लगभग 23 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान मुख्य पुजारी बजरांकन दंडपात सहित समिति के सदस्य दीपंकर सीट, सागर सीट, अनिरुद्ध नायक, मनोरंजन सरदार, दीपक सरदार, भरत सरदार, अचिन सरदार और सनातन सरदार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।



