
जमशेदपुर ।
मानगो क्षेत्र में गहराते जल संकट और जलापूर्ति योजना की बदहाली को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने सख्त रुख अपना लिया है। उन्होंने मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त को एक कड़ा पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने मानगो पेयजल परियोजना की वर्तमान स्थिति को बेहद चिंताजनक करार दिया है। सरयू राय ने स्पष्ट मांग की है कि उप नगर आयुक्त होने के नाते वे निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति और इस पूरी परियोजना की अद्यतन स्थिति (Current Status) को तुरंत सार्वजनिक करें। उनका कहना है कि स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही परियोजना के परिचालन में आ रही तकनीकी त्रुटियों को दूर किया जा सकेगा और मानगो की लाखों की आबादी के लिए जलापूर्ति को नियमित करने हेतु कोई ठोस कदम उठाया जा सकेगा।
परियोजना के बुनियादी ढांचे में आई भारी गिरावट
अपने पत्र में सरयू राय ने याद दिलाया कि नवंबर 2024 में जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से पुनः विधायक निर्वाचित होने के तुरंत बाद उन्होंने इस ज्वलंत मुद्दे को गंभीरता से लिया था। उन्होंने मानगो नगर निगम, तत्कालीन उपायुक्त, नगर विकास विभाग और पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव, अभियंता प्रमुख से लेकर कार्यपालक अभियंता तक के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें की थीं। इसके अलावा, उन्होंने स्वयं परियोजना क्षेत्र का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायज़ा लिया था।
सरयू राय ने कहा कि इस विशाल परियोजना के सभी अंगों (मशीनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर) में पिछले 5-6 वर्षों के दौरान काफी गिरावट आ गई है। स्वर्णरेखा नदी पर बने इंटेकवेल से लेकर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और शहर में बनी पानी की टंकियों की स्थिति बदतर हो चुकी है। परियोजना का दैनिक परिचालन और आम लाभार्थियों के घरों तक सुचारू पेयजल आपूर्ति की स्थिति अत्यंत असंतोषजनक है। इसे दुरुस्त करने के लिए उन्होंने रांची सचिवालय स्तर से लेकर स्थानीय नगर निगम तक काफी पत्राचार और प्रयास किया, जिसके फलस्वरूप इंटेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पानी टंकियों के सुचारू संचालन के लिये विभिन्न क्षमता के नए मोटर पंप ख़रीदे गए थे।
इंटेकवेल में भरा 8 फुट बालू, विधायक निधि से दिया गया फंड
परियोजना की तकनीकी खामियों को उजागर करते हुए पत्र में सरयू राय ने लिखा है कि जलापूर्ति के मुख्य स्रोत यानी इंटेकवेल में 6 से 8 फुट तक बालू (Sand) भर गया है। इस भारी जमाव के कारण पानी खींचने वाली मशीनें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं और आए दिन खराब हो जाती हैं। इस बालू को निकालने के लिए उन्होंने अपनी ‘विधायक निधि’ से विशेष आवंटन का प्रस्ताव लागू करवाया था। साथ ही, इंटेकवेल में आने वाले नदी के जल में मानवजनित गंदगी और कचरा न आए, इसके बचाव के लिए वेल के दोनों ओर एक सुरक्षा दीवार खड़ी करने हेतु भी उन्होंने विधायक निधि से धन मुहैया कराया है।
रात 12 बजे पानी आना हास्यास्पद और चिंताजनक
विधायक ने बताया कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से मानगो के सभी क्षेत्रों में समानुपातिक (बराबर) जलापूर्ति हो, इस नीति पर सभी अधिकारियों की सहमति बनी थी। लेकिन, इसका प्रभावी क्रियान्वयन मानगो नगर निगम द्वारा जमीन पर नहीं किया गया। इसका सीधा नतीजा यह है कि पूरे मानगो इलाके में जलापूर्ति घोर अनियमित है। शहर के कई बड़े और घनी आबादी वाले इलाकों तक पेयजल पहुंच ही नहीं रहा है। जहां पानी आता भी है, वहां एक बड़े हिस्से में महज 5 से 10 मिनट के लिए ही सप्लाई होती है। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि अधिकांश इलाकों में रात के 12 बजे से 2 बजे के बीच पानी आता है, जिससे लोगों की नींद हराम हो रही है। सरयू राय ने इस स्थिति को बेहद हास्यास्पद और चिंताजनक बताया है।
बयानबाजी छोड़ ठोस कदम उठाए नगर निगम
अंत में सरयू राय ने पत्र के माध्यम से मानगो नगर निगम चुनाव के उपरांत चुने गए नए पदधारियों (जनप्रतिनिधियों) की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्रतिनिधियों द्वारा अक्सर अख़बारों में इस गंभीर विषय पर तरह-तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए जा रहे हैं, जिससे जनता भ्रमित हो रही है। इसी के मद्देनजर उन्होंने उप नगर आयुक्त से कहा है कि वे सामने आएं और पेयजल परियोजना की पूरी अद्यतन स्थिति का श्वेत पत्र सार्वजनिक करें, ताकि बयानबाजी बंद हो और मानगो की जनता को निर्बाध पानी मिल सके।


