जमशेदपुर। टाटानगर आने-जाने वाले रेल यात्रियों की सबसे बड़ी परेशानी यानी ‘ट्रेनों की लेटलतीफी’ को लेकर अब आवाज बुलंद होने लगी है। झारखंड के जमशेदपुर (पश्चिम) के विधायक सरयू राय ने चक्रधरपुर रेल डिवीजन की लचर कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए रेलवे को सीधा अल्टीमेटम दे दिया है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
विधायक सरयू राय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रेलवे की पोल खोलते हुए साफ शब्दों में कहा कि पिछले तीन वर्षों से यात्री रोजाना ट्रेनों की लेटलतीफी का संताप झेल रहे हैं। उन्होंने खुद को भी इस अव्यवस्था का भुक्तभोगी बताते हुए रेल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
रेलवे को दो टूक: ‘समय सुधारें या टाइमटेबल बदलें’
सरयू राय ने रेल विभाग को सख्त लहजे में संदेश देते हुए कहा कि “या तो ट्रेनों को निर्धारित समय पर चलाया जाए, या फिर उनकी समय सारिणी (Timetable) में ही बदलाव कर दिया जाए।” वर्तमान स्थिति में यात्रियों को बेवजह जो मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है, वह अब असहनीय होती जा रही है।
टूट रहा है जनता के सब्र का बांध
विधायक ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि अब आम जनता के धैर्य का बांध टूटने लगा है। ट्रेनों की रोजाना की देरी से नौकरीपेशा लोगों की दिनचर्या, कामकाज और आम यात्रियों की यात्रा योजनाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। यह स्थिति लंबे समय तक किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जा सकती।
जल्द हो सकता है बड़ा आंदोलन
अपने बयान में उन्होंने साफ संकेत दिया है कि अब यह मुद्दा केवल सोशल मीडिया की बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा। यदि रेलवे ने अपनी कार्यप्रणाली में जल्द सुधार नहीं किया, तो इस जन-समस्या को लेकर आगे ठोस कदम उठाए जाएंगे और बड़ा आंदोलन भी हो सकता है।
चक्रधरपुर रेल मंडल पर बढ़ा भारी दबाव
सरयू राय के इस कड़े रुख के बाद चक्रधरपुर (CKP) रेल डिवीजन के अधिकारियों पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रेल प्रशासन इस पर क्या सफाई देता है और टाटानगर के यात्रियों को इस लेटलतीफी से कब तक राहत मिल पाती है।



