जमशेदपुर: मेडिकल की पढ़ाई के लिए आयोजित होने वाली देश की सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET UG-2026) जिले में पूरी तरह से शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई। देश के बेहतरीन मेडिकल कॉलेजों में दाखिले का सपना संजोए हजारों छात्र-छात्राओं ने इस अहम परीक्षा में हिस्सा लिया। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की चाक-चौबंद व्यवस्था के कारण जिले के किसी भी परीक्षा केंद्र से किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की कोई शिकायत सामने नहीं आई है, जिसके बाद प्रशासन और अभिभावकों ने राहत की सांस ली है।
8 परीक्षा केंद्रों पर 4112 परीक्षार्थी हुए शामिल
नीट (यूजी) 2026 के सफल संचालन के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई थीं। जिले के अंतर्गत कुल 6 प्रमुख शिक्षण संस्थानों में 8 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सुबह से ही इन सभी केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष जिले में कुल 4231 परीक्षार्थियों को यह परीक्षा देनी थी। इनमें से कुल 4112 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए और उन्होंने पूरे मनोयोग के साथ अपना पेपर दिया। वहीं, विभिन्न कारणों से 119 परीक्षार्थी इस प्रवेश परीक्षा से अनुपस्थित रहे।
उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था
जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन के सख्त निर्देशों के आलोक में सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा को पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए हर एक केंद्र पर पर्याप्त संख्या में दण्डाधिकारी (मजिस्ट्रेट), भारी पुलिस बल और स्टैटिक मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई थी। परीक्षा शुरू होने से काफी पहले ही प्रशासन ने सभी केंद्रों को अपने नियंत्रण में ले लिया था ताकि कोई भी अवांछित तत्व परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित न कर सके।
एनटीए (NTA) के दिशा-निर्देशों का सख्ती से हुआ अनुपालन
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा परीक्षा के लिए जारी किए गए कड़े दिशा-निर्देशों का सभी परीक्षा केंद्रों पर अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया गया। परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले हर एक परीक्षार्थी की सघन जांच (फ्रिस्किंग) की गई। इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स या किसी भी प्रकार की अनुचित सामग्री को अंदर जाने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती गई। इसके साथ ही पूरी परीक्षा प्रक्रिया और केंद्र के मुख्य द्वारों पर लगातार वीडियोग्राफी भी कराई गई, जिससे जांच और परीक्षा की पूरी पारदर्शिता बनी रहे।
सुचारू यातायात व्यवस्था ने परीक्षार्थियों को दी बड़ी राहत
परीक्षा के दिन शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या न हो और परीक्षार्थी समय पर अपने-अपने परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंच सकें, इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और परीक्षा केंद्रों की ओर जाने वाले मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखा गया। इसके परिणामस्वरूप किसी भी परीक्षार्थी को जाम का सामना नहीं करना पड़ा और वे समय से केंद्र तक पहुंचे। जिला प्रशासन की इस बेहतरीन व्यवस्था से परीक्षा पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।



