
जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर स्थित मानगो नगर निगम (MNAC) क्षेत्र के हजारों निवासियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। गर्मी और सामान्य दिनों में होने वाले जल संकट से लोगों को स्थायी तौर पर निजात दिलाने के लिए निगम ने कमर कस ली है। मानगो की जलापूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कुल 1 करोड़ 41 लाख 41 हजार 549 रुपये (₹1,41,41,549) की विभिन्न जलापूर्ति और पाइपलाइन इंटरकनेक्शन योजनाओं को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। मेयर सुधा गुप्ता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होते ही मानगो के घर-घर में बिना किसी रुकावट के पानी पहुंचेगा।

इन प्रमुख घनी आबादी वाले इलाकों में बिछेगा पाइपलाइनों का जाल
स्वीकृत योजनाओं के तहत मानगो के कई ऐसे इलाकों को चुना गया है जहां पानी की सप्लाई सबसे ज्यादा बाधित रहती थी। यहां पुरानी पाइपलाइनों को बदलने और नए इंटरकनेक्शन जोड़ने का काम होगा। इनमें मुख्य रूप से बागानशाही बावनगोड़ा चौक रोड नंबर-07, बीचा खान रोड से कुली रोड तक, और शांति नगर रोड नंबर-06 से संजय पथ तक की वितरण पाइपलाइन का इंटरकनेक्शन शामिल है। इसके अलावा समता नगर, ठाकुर रोड और गोकुल नगर क्षेत्र में नई पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ ‘स्लूस वाल्व’ लगाए जाएंगे ताकि पानी के बहाव को सही तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
लो-प्रेशर की समस्या होगी खत्म, लगेंगे 50 HP के हैवी पंप
मानगो के ऊंचे और दूरस्थ इलाकों में पानी का दबाव (Water Pressure) कम होने की शिकायत सबसे पुरानी है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए निगम जोन-1 और जोन-5 में क्रमशः 50 एचपी (HP) और 25 एचपी क्षमता के नए शक्तिशाली मोटर पंप स्थापित करने जा रहा है। इसके साथ ही, जवाहर नगर रोड नंबर-15 स्थित ‘एमजीडी जल शोधन संयंत्र’ (WTP) की साफ-सफाई और व्यापक मरम्मत का कार्य भी इसी फंड से किया जाएगा। स्काई टावर से लेकर गुलजार बाग स्थित टायर दुकान तक भी वितरण पाइपलाइन को आपस में लिंक किया जाएगा।
‘गुणवत्ता से समझौता नहीं, तय वक्त पर पूरा हो काम’ : सुधा गुप्ता
इस बड़े फैसले पर बात करते हुए मेयर सुधा गुप्ता ने कहा कि मानगो की जनता को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सालों पुरानी इस दिक्कत के स्थायी समाधान के लिए यह एक ठोस कदम है। उन्होंने नगर निगम के इंजीनियरों और काम का जिम्मा संभालने वाली संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि काम की क्वालिटी के साथ कोई समझौता न हो। सभी प्रोजेक्ट्स को निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि जनता को इसका सीधा लाभ मिल सके।

