जमशेदपुर। मानगो नगर निगम की मेयर सुधा गुप्ता ने पदभार ग्रहण करते ही एक ऐसा ऐतिहासिक और सराहनीय कदम उठाया है, जिसकी पूरे शहर में जमकर चर्चा हो रही है। वीवीआईपी (VVIP) कल्चर और सरकारी पैसों की फिजूलखर्ची पर कड़ा प्रहार करते हुए मेयर सुधा गुप्ता ने नगर निगम के उप प्रशासक (Deputy Administrator) को एक कड़ा पत्र लिखकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अपने एक्शन से यह स्पष्ट कर दिया है कि वह राजनीति में सरकारी सुख-सुविधाओं का लाभ लेने नहीं, बल्कि विशुद्ध सेवा भाव से जनता की समस्याओं का समाधान करने आई हैं।
जनहित सर्वोपरि, टैक्सपेयर्स के पैसों का न हो दुरुपयोग
मेयर सुधा गुप्ता ने अपने आधिकारिक पत्र में स्पष्ट किया है कि नगर निगम के संसाधनों का उपयोग अत्यंत जिम्मेदारी और पूर्ण पारदर्शिता के साथ सिर्फ जनता के हित और शहर के विकास कार्यों के लिए होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी है कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक सुख-सुविधाओं और दिखावे पर टैक्स भरने वाली आम जनता (Taxpayers) के पैसों की बर्बादी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।
मेयर सुधा गुप्ता के बड़े और ऐतिहासिक फैसले:
सरकारी वाहन की तत्काल वापसी: मेयर ने अपने लिए आवंटित सभी सरकारी वाहनों को तत्काल प्रभाव से वापस करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि एक जनसेवक होने के नाते वह जनता के बीच जाने और जनसेवा का कार्य अपने ‘निजी वाहन’ से ही करना पसंद करेंगी।
मानदेय का स्वेच्छा से किया त्याग: मेयर पद के लिए मिलने वाले सरकारी मानदेय (Honorarium) को सुधा गुप्ता ने स्वेच्छा से त्यागने का बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने निर्देश दिया है कि उनके मानदेय की यह राशि सीधे ‘मुख्यमंत्री राहत कोष’ (CM Relief Fund) में जमा कराई जाए, ताकि इसका उपयोग जरूरतमंद और गरीब लोगों की सहायता के लिए किया जा सके।
सादगीपूर्ण कार्यालय की मांग: मेयर ने अपने कार्यालय के लिए किसी भी प्रकार की वीआईपी (VIP) या अतिरिक्त व्यवस्था करने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि उनके लिए एक सामान्य और सादगीपूर्ण कार्यालय ही पर्याप्त है और इसके साज-सज्जा पर कोई अतिरिक्त फंड खर्च न किया जाए।
गुलदस्ता परिपाटी पर पूर्ण रोक: सरकारी कार्यक्रमों में होने वाले अनावश्यक दिखावे को खत्म करते हुए मेयर ने ‘गुलदस्ता परिपाटी’ को पूरी तरह बंद करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि अतिथियों के स्वागत में महंगे गुलदस्ते देने के बजाय, अब से पर्यावरण और ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए ‘पौधे या किताबें’ भेंट करने की परिपाटी शुरू की जाए।
अधिकारियों को दिया सख्त संदेश
अपने पत्र के अंत में मेयर सुधा गुप्ता ने मानगो नगर निगम के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इसी सेवा भावना के साथ कार्य करने की नसीहत दी है। उन्होंने साफ कहा है कि उनके इन सभी निर्देशों का अनुपालन तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किया जाए। मेयर के इस फैसले से मानगो की जनता में भारी उत्साह है और लोग उनके इस सादगीपूर्ण और जनहितैषी कदम की हर तरफ जमकर सराहना कर रहे हैं।




