
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में मानसूनी बारिश के साथ ही मलेरिया ने विकराल रूप धारण कर लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताज़ा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 29 जून से 7 जुलाई 2026 के बीच मात्र 9 दिनों के भीतर जिले में मलेरिया के 1,374 नए पॉजिटिव मरीज सामने आए हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि ग्रामीण इलाकों में जानलेवा माने जाने वाले ‘प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम’ (PF) मलेरिया के मामलों में भारी उछाल आया है। कुल मरीजों में से 1,103 मामले केवल फैल्सीपेरम के हैं, जिससे पूरे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है।

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पोटका, डुमरिया और मुसाबनी में स्थिति बेहद चिंताजनक
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) की रिपोर्ट के मुताबिक, जिले के ग्रामीण क्षेत्र मलेरिया की सबसे अधिक मार झेल रहे हैं। पोटका, डुमरिया और मुसाबनी ब्लॉक मलेरिया के सबसे बड़े हॉटस्पॉट बनकर उभरे हैं:
पोटका में सर्वाधिक संक्रमण: बीते 9 दिनों में पोटका में 13,290 लोगों की जांच की गई, जिनमें सर्वाधिक 493 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं (संक्रमण दर 3.71%)।
डुमरिया और मुसाबनी का हाल: डुमरिया में 4,666 जांचों में 347 मरीज (7.53%) और मुसाबनी में 5,754 जांचों में 271 मरीज (4.76%) सामने आए हैं। घाटशिला में भी 135 मरीज मिले हैं।
सदर अस्पताल में उच्चतम दर: जमशेदपुर स्थित सदर अस्पताल में मात्र 301 लोगों की जांच में 36 मरीज पॉजिटिव मिले हैं, जो जिले में सबसे अधिक 29.75% की संक्रमण दर को दर्शाता है।
एक दिन में 10 हजार से अधिक जांच, 7 जुलाई को मिले 112 नए मरीज
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 7 जुलाई को जिले भर में विशेष जांच अभियान चलाते हुए एक ही दिन में 10,202 सैंपलों की जांच (RDT और स्लाइड टेस्ट) की गई। इस एक दिन की रिपोर्ट में जिले में 112 नए मलेरिया पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इनमें से 95 मामले फैल्सीपेरम (PF), 13 मामले वाइवैक्स (PV) और 4 मिश्रित (Mix) पाए गए हैं। 7 जुलाई को भी अकेले पोटका ब्लॉक से सबसे अधिक 56 मरीज सामने आए हैं, जबकि डुमरिया और मुसाबनी से 17-17 नए मरीज मिले हैं।
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शहरी क्षेत्रों में राहत, स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी क्षेत्रों (अर्बन मैंगो और अर्बन बिरसानगर) में स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है। बीते 9 दिनों में मैंगो में एक भी मरीज पॉजिटिव नहीं मिला है (0 मामला), जबकि बिरसानगर में केवल 1 मामला सामने आया है।
लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। संवेदनशील ग्रामीण क्षेत्रों में डीडीटी (DDT) के छिड़काव, फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान को तेज कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का नियमित उपयोग करें और बुखार होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में नि:शुल्क रक्त जांच कराएं।



