जमशेदपुर।
लौहनगरी जमशेदपुर में आस्था और आध्यात्म की अविरल धारा बह रही है। शहर के प्रसिद्ध श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर में सोमवार को एक अत्यंत पावन और ऐतिहासिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। इस जगत के पालनहार भगवान श्री विष्णु के परम भक्त और उनके वाहन श्री गरुड़ जी की भव्य प्रतिमा का अधिष्ठापन कार्य पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच मंदिर परिसर में किया गया। इस पावन अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा मंदिर परिसर “नारायण-नारायण” और गरुड़ भगवान के जयकारों से गूंज उठा।
विधायक सरयू राय ने निभाया मुख्य यजमान का दायित्व
इस पवित्र और आध्यात्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान जमशेदपुर पश्चिम के लोकप्रिय विधायक सरयू राय रहे। उन्होंने पूरी श्रद्धा, भक्ति और शास्त्रीय नियमों के साथ गरुड़ भगवान की पूजा-अर्चना संपन्न की। इस पूरे भव्य आयोजन के सफल प्रबंधन का दायित्व असीम पाठक ने बखूबी निभाया। उनके कुशल प्रबंधन के चलते संपूर्ण अनुष्ठान पूर्ण रूप से सुचारू और व्यवस्थित ढंग से तय समय पर संपन्न हुआ।
विद्वान पंडितों द्वारा संपन्न कराई गई विधिवत पूजा
प्रतिमा के अधिष्ठापन का मुख्य पूजन शहर के जाने-माने विद्वान पंडित विनोद पांडेय और उनके सहयोगी ब्राह्मणों की टोली द्वारा संपन्न कराया गया। पंडित विनोद पांडेय ने इस दिव्य पूजा की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि अनुष्ठान की शुरुआत अत्यंत पवित्रता के साथ की गई:
शांति पाठ और संकल्प: वातावरण की शुद्धि और विश्व कल्याण के लिए सबसे पहले ‘शांति पाठ’ किया गया। इसके बाद मुख्य यजमान विधायक सरयू राय और अन्य उपस्थित श्रद्धालुओं को पवित्र संकल्प दिलाया गया।
गरुड़ भगवान का पूजन: संकल्प पूरा होने के पश्चात गरुड़ भगवान की प्रतिमा का वैदिक ऋचाओं और मंत्रों के सुमधुर उच्चारण के साथ पूरे विधि-विधान से पूजन किया गया।
आरती और महाप्रसाद: पूजन के बाद भगवान की भव्य आरती उतारी गई और वहां उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
गरुड़ स्तंभ पर अधिष्ठापित हुई भव्य प्रतिमा
पूजा और आरती की सभी रस्में पूरी होने के बाद, मुख्य अधिष्ठापन की शुरुआत हुई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और जयकारों की गूंज के बीच मंदिर परिसर में स्थित ‘गरुड़ स्तंभ’ पर गरुड़ भगवान की प्रतिमा को पूरे सम्मान के साथ अधिष्ठापित (विराजमान) किया गया। सनातन धर्म और विशेषकर वैष्णव परंपरा में गरुड़ स्तंभ का अत्यधिक महत्व है, जिसे भगवान विष्णु के प्रति असीम भक्ति, समर्पण और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। गरुड़ भगवान की स्थापना से मंदिर की दिव्यता में और अधिक वृद्धि हुई है।
शहर के कई गणमान्य लोग और श्रद्धालु रहे उपस्थित
इस पावन और ऐतिहासिक अवसर पर जमशेदपुर के कई प्रमुख सामाजिक और राजनीतिक चेहरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और पुण्य के भागी बने। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शिवशंकर सिंह, अशोक गोयल, आशुतोष राय, अनिकेत सावरकर, राघवेंद्र प्रताप सिंह, सुनील सिंह, सुशील, इंद्रजीत सिंह, उदय मंडल, गोल्डन पांडेय और मुकेश कुमार सहित भारी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे। सभी ने गरुड़ भगवान और श्री लक्ष्मीनारायण के दर्शन कर सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।




