जमशेदपुर। गोलमुरी मनिंदर टावर में चल रहे भागवत कथा के तीसरे दिन शनिवार को वृन्दावन धाम से आये आचार्य पंडित सुरेश चन्द्र शास़्त्री जी महाराज ने व्यासपीठ से धु्रव चरित्र, श्री वामन चरित्र, पुरंजन उपाख्यान, जड़भारत चरित्र, अजामिल कथा, श्री प्रहलाद चरित्र का प्रसंग विस्तार से सुनाया। कहा कि कथा श्रवण करने से आत्म ज्ञान की प्राप्ति होती हैं। जीवन में सहजता एवं शालीनता आती हैं। महाराज ने नाम की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि अजामिल जैसे पापी को एक बार नारायण का नाम लेने से मुक्ति मिल गयी। कलयुग में कल्याण के लिए नाम ही साधन हैं। कथावाचक ने कहा कि ध्रुव चरित्र सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा, अडिग संकल्प और निःस्वार्थ भक्ति से ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है और असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। प्रहलाद चरित्र सिखाता है कि जब भक्त असहाय महसूस करता है, तो भगवान आकर रक्षा करते हैं और अहंकार का अंत निश्चित है। उन्होंने कहा कि हिरण्यकशिपु का पुत्र प्रहलाद गर्भ में ही नारद मुनि से विष्णु भक्ति का ज्ञान पा चुका था। असुर कुल में जन्म लेने के बावजूद वह परम भगवद्भक्त था। भगवान विष्णु का वामन अवतार (पाँचवाँ अवतार) असुर राज बलि के अहंकार को नष्ट करने और देवताओं को उनका स्वर्ग लौटाने के लिए हुआ था। श्रीमद्भागवत महापुराण के पंचम स्कंध में वर्णित जड़ भरत की कथा वैराग्य, भक्ति और आत्मज्ञान का प्रतीक है। यह प्रसंग सिखाता है कि अत्यधिक आसक्ति (मोह) मोक्ष में बाधक है और सच्चे ज्ञान से ही जीव मुक्त हो सकता है। चतुर्थ दिन रविवार को कथा वाचक द्धारा गजेंद्र मोक्ष, समुद्र मंथन, श्री राम अवतार, श्री कृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग सुनाया जायेगा। इसका आयोजन गोलमुरी के चम्पा-रतन अग्रवाल (गोयल परिवार) द्धारा रोजाना शाम 4 से 7 बजे तक किया जा रहा हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से पार्वती देवी, रतन अग्रवाल, चम्पा अग्रवाल, गोविंद अग्रवाल, माधव अग्रवाल सहित काफी संख्या में भक्तगण भगवान की कीर्तन श्रवण कर आनन्द प्राप्त किया।

JAMSHEDPUR NEWS :कथा श्रवण करने से जीवन में सहजता एवं शालीनता आती हैं- कथावाचक
गोलमुरी मनिंदर टावर में भागवत कथा के तीसरे दिन नाम की महिमा का वर्णन
