
जमशेदपुर।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षड़ंगी ने महान उद्योगपति जमशेदजी नसरवानजी टाटा की 187वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर टाटा जी के योगदान को याद किया और उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
दूरदर्शी नेतृत्व को किया नमन
कुणाल षड़ंगी ने कहा कि जमशेदजी टाटा का नेतृत्व केवल उद्योग स्थापना तक सीमित नहीं था, बल्कि वह राष्ट्र निर्माण की व्यापक सोच से प्रेरित था। उन्होंने भारत को औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने का जो सपना देखा, वह आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उन्होंने कहा कि टाटा जी की दूरदृष्टि और प्रतिबद्धता ने भारत को वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उद्योग से राष्ट्र निर्माण तक
कुणाल षड़ंगी ने कहा कि टाटा द्वारा स्थापित टाटा स्टील ने न केवल उद्योग जगत में भारत को नई पहचान दिलाई, बल्कि लाखों लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान किए। जमशेदपुर जैसे आधुनिक और सुव्यवस्थित शहर की परिकल्पना टाटा जी की सोच का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि टाटा जी का योगदान उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय रहा है। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि मजबूत औद्योगिक आधार किसी भी राष्ट्र की प्रगति की रीढ़ होता है।
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विकास के लिए संकल्प की आवश्यकता
जयंती के अवसर पर कुणाल षड़ंगी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारते हुए राज्य और देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, रोजगार सृजन और समावेशी विकास ही टाटा जी के सपनों का वास्तविक सम्मान होगा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भी महान विभूति को नमन करते हुए उनके सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।
जमशेदजी टाटा की जयंती केवल एक स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि यह प्रेरणा लेने और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश भी देती है।


