
जमशेदपुर: शहर की पार्किंग व्यवस्था को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। जन विकास मंच के प्रमुख एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु ने जमशेदपुर अक्षेस (JNAC) की कार्यप्रणाली और उसकी वैधता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पार्किंग के नाम पर करोड़ों रुपये की अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला और JNAC की वैधता पर सवाल
सौरभ विष्णु ने उपायुक्त कार्यालय को सौंपे लिखित आवेदन में कहा कि वर्ष 1996 में सुप्रीम कोर्ट के एक निर्णय के बाद से ही JNAC की वैधानिक स्थिति संदिग्ध रही है।
यदि संस्था की कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं है, तो पार्किंग स्थलों की नीलामी किस आधार पर हो रही है?
पार्किंग शुल्क के रूप में वसूला गया करोड़ों का राजस्व झारखंड सरकार के खाते में जा रहा है या कहीं और?
प्रशासन को इस पूरी वसूली का लेखा-जोखा सार्वजनिक करना चाहिए।
8 पार्किंग जोन, लेकिन टेंडर सिर्फ एक का!
सौरभ विष्णु ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि शहर में JNAC के तहत कुल 8 अधिकृत पार्किंग जोन आते हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि टेंडर केवल एक जोन का ही हुआ है। बाकी बचे हुए स्थानों पर कथित रूप से निजी लोगों द्वारा अवैध तरीके से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है, जो सीधे तौर पर सरकारी राजस्व को चूना लगाने और प्रशासनिक मिलीभगत का मामला है।
READ MORE :Chaibasa News :कोल्हान विश्वविद्यालय में एनएसएस द्वारा नशा मुक्ति पर विशेष जागरूकता व्याख्यान का आयोजन
आम बागान मैदान में अवैध वसूली का खेल
शिकायत में विशेष रूप से साकची के आम बागान मैदान का जिक्र किया गया है। यह मैदान JNAC की अधिकृत पार्किंग सूची में शामिल नहीं है, फिर भी यहाँ प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहनों से अवैध पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है।
बड़ा सवाल: जब यह स्थान सूची में है ही नहीं, तो यह वसूली किसके आदेश पर हो रही है और यह पैसा किसकी जेब में जा रहा है?
जन विकास मंच की मुख्य मांगें:
JNAC की वैधानिक स्थिति और पिछले वर्षों के पार्किंग राजस्व रिकॉर्ड की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच हो।
सभी अवैध पार्किंग स्थलों पर तत्काल प्रभाव से वसूली रोकी जाए।
पूरे मामले का विशेष ऑडिट (Special Audit) कराया जाए।
दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।


