
जमशेदपुर: ट्रांसपोर्ट नगर पार्किंग में जमशेदपुर ट्रक एवं ट्रेलर ओनर्स एसोसिएशन की एक अहम बैठक हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल में ट्रक और ट्रेलर मालिकों से हो रही जबरन वसूली को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। एसोसिएशन ने घोषणा की है कि बंगाल में परिवहन विभाग और आरटीओ (RTO) की मनमानी के खिलाफ आगामी 15 मई 2026 को झारखंड-बंगाल बॉर्डर के झारग्राम जिले में स्थित निठुरा चेक पोस्ट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर प्रताड़ना और मनमाने टैक्स का आरोप
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि पूर्ववर्ती टीएमसी (TMC) सरकार और पश्चिम बंगाल के परिवहन विभाग द्वारा गाड़ी मालिकों को लगातार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जाता रहा है। बंगाल से गुजरने वाले कमर्शियल वाहनों पर कई तरह के अवैध और बेबुनियाद टैक्स थोपे गए हैं।
प्रति गाड़ी यह है वसूली का गणित:
एडिशनल टैक्स: 11,000 रुपये प्रति वर्ष
मैकेनिकल टैक्स: 1,200 रुपये
धर्मकांटा के नाम पर: 260 रुपये प्रति ट्रिप
आरटीओ (RTO) द्वारा अवैध वसूली: 300 से 500 रुपये प्रति ट्रिप
एसोसिएशन का कहना है कि इस तरह की खुलेआम अवैध वसूली पूरे भारतवर्ष में कहीं और नहीं होती है।
ऑल इंडिया परमिट के बावजूद वसूला जा रहा टैक्स
ट्रांसपोर्टरों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सभी गाड़ियां ‘ऑल इंडिया परमिट’ (All India Permit) पर चलती हैं। इस परमिट का भारी-भरकम शुल्क वाहन मालिक पहले ही भारत सरकार को जमा कर देते हैं। इसके बावजूद बंगाल सीमा में प्रवेश करते ही उनसे रंगदारी के रूप में जबरन करों की वसूली की जाती है, जो कि पूरी तरह से गैरकानूनी है।
नई बीजेपी सरकार से उम्मीद, ‘जबरन वसूली’ बंद करने की मांग
संगठन के सदस्यों ने नवगठित पश्चिम बंगाल सरकार (बीजेपी सरकार) से सकारात्मक उम्मीद जताते हुए मांग की है कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान शुरू की गई इस “अवैध वसूली” और सभी अतिरिक्त टैक्स को तुरंत प्रभाव से पूर्णतः बंद किया जाए।
चार राज्यों के ट्रक मालिक होंगे शामिल, आर-पार की लड़ाई
इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में केवल जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि बंगाल, ओडिशा और बिहार के ट्रक एवं ट्रेलर मालिक भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। जमशेदपुर ट्रक एवं ट्रेलर ओनर्स एसोसिएशन ने अपील की है कि जो भी गाड़ी मालिक बंगाल होकर गुजरते हैं, वे सभी इस धरने का हिस्सा बनें। एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं और इस जबरन वसूली पर रोक नहीं लगती, यह आर-पार का आंदोलन जारी रहेगा।


