जमशेदपुर । टाटा मोटर्स (Tata Motors) के मुख्य गेट पर आज उस समय भारी अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय युवाओं को नौकरी देने की मांग को लेकर सैकड़ों लोगों ने जोरदार हंगामा किया। बंटी सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के बाहर धरना देते हुए मुख्य गेट को पूरी तरह से जाम कर दिया। इस वजह से कंपनी के कामकाज और कर्मचारियों की आवाजाही पर गहरा असर पड़ा है।
कर्मचारियों की बढ़ी परेशानी, घंटों रहा गेट जाम
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, यह विरोध-प्रदर्शन सुबह के समय शुरू हुआ था, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ा, इसने उग्र रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ ने टाटा मोटर्स के मुख्य गेट को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया। गेट जाम होने के कारण अंदर जाने वाले और बाहर निकलने वाले कर्मचारी घंटों तक वहां फंसे रहे।
क्या है प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग?
इस जोरदार विरोध-प्रदर्शन की मुख्य वजह टाटा मोटर्स में स्थानीय युवाओं की अनदेखी का आरोप है। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि कंपनी में नियोजन (Employment) के मामले में स्थानीय युवाओं को ही प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि प्रबंधन द्वारा लगातार बाहरी लोगों को रोजगार के ज्यादा अवसर दिए जा रहे हैं, जबकि जमशेदपुर के योग्य और शिक्षित स्थानीय युवा बेरोजगार घूमने को मजबूर हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि कंपनी की नियुक्ति प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता लाई जाए और स्थानीय निवासियों को उनका वाजिब हक दिया जाए।
कंपनी प्रबंधन पर जमकर साधा निशाना
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बंटी सिंह ने इस मौके पर कड़े शब्दों में प्रबंधन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई स्थानीय युवाओं के हक और अधिकार की लड़ाई है, जिससे किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटा जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियां स्थानीय संसाधनों, यहां की जमीन और पानी का उपयोग तो धड़ल्ले से करती हैं, लेकिन जब रोजगार देने की बारी आती है, तो स्थानीय लोगों को दरकिनार कर दिया जाता है। उन्होंने साफ किया कि जब तक स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने का कोई ठोस और लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन और गेट जाम जारी रहेगा।
भारी पुलिस बल तैनात, प्रशासन कर रहा बातचीत
हालात को बेकाबू होता देख मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी प्रदर्शनकारियों से लगातार बातचीत कर स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।






