जमशेदपुर: जुगसलाई स्टेशन रोड पर स्थित होटल ‘द लिगेसी – ए लग्जरी स्टे’ का भव्य शुभारंभ शहर के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक नई सुबह लेकर आया है। यह होटल न केवल शहर की बदलती सूरत का प्रतीक है, बल्कि जमशेदपुर को पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों के मानचित्र पर एक नई पहचान भी देता है।
होटल ‘द लिगेसी – ए लग्जरी स्टे’ की विशेषताओं की बात करें तो यह अपनी तरह का सबसे अनोखा और आकर्षक होटल है, जिसमें कुल 39 शानदार कमरे उपलब्ध हैं। यह पूरी तरह से सेंट्रलाइज्ड एयर कंडिशन्ड होटल है, जिसमें प्रत्येक फ्लोर पर डाइनिंग हॉल की सुविधा दी गई है। कमरे स्वीट, किंग साइज और क्वीन साइज के रूप में उपलब्ध हैं, जो व्यावसायिक यात्रियों से लेकर पारिवारिक पर्यटकों तक की जरूरतों को पूरा करते हैं। यही होटल में विशेष रूप से पार्किंग की सुविधा है. सुरक्षा की दृष्टि से भी होटल परिपूर्ण है.
होटल के प्रोप्राइटर नितिन भाटिया ने बताया कि यह होटल केवल एक व्यावसायिक उपक्रम नहीं है, बल्कि यह उनके परिवार की वर्षों पुरानी परंपरा का विस्तार है। उनके दादा श्री ज्ञानी कुलदीप सिंह भाटिया ने लगभग 60 वर्ष पहले होटल ‘राज’ की नींव रखी थी। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, परिवार ने जमशेदपुर को ‘होटल ‘द लिगेसी – ए लग्जरी स्टे’ के रूप में एक भव्य उपहार दिया है।
नितिन भाटिया ने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में होटल द्वारा हॉलिडे पैकेजेस भी शुरू किए जाएंगे, जो घरेलू यात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करेंगे। उन्होंने बताया कि दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर होटल में बैंक्वेट हॉल और रेस्टोरेंट की भी शुरुआत की जाएगी, जिससे शादी, पार्टी और कॉर्पोरेट आयोजनों के लिए भी यह एक प्रमुख स्थल बन जाएगा।
‘द लिगेसी – ए लग्जरी स्टे’ जमशेदपुर में हॉस्पिटैलिटी के क्षेत्र में नयी स्तर की सुविधाएं देगा। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे। हमारा उद्देश्य जमशेदपुर को पूर्वी भारत में एक आधुनिक हॉस्पिटैलिटी हब के रूप में स्थापित करना है।”
संवाददाता सम्मेलन के दौरान होटल के पार्टनर्स मंजीत सिंह भाटिया, शीतल भाटिया, होटल के जनरल मैनेजर सैकत चटर्जी और असिस्टेंट जनरल मैनेजर जूही भी मौजूद थे। सभी ने इस पहल को जमशेदपुर के लिए एक मील का पत्थर बताया और भविष्य में इसे शहर की शान बनाने का विश्वास जताया।
होटल ‘द लिगेसी – ए लग्जरी स्टे’न केवल एक आधुनिक आतिथ्य सेवाओं का केंद्र है, बल्कि यह जमशेदपुर के बदलते स्वरूप और बढ़ते सामर्थ्य का भी प्रतीक है। जैसे-जैसे शहर औद्योगिक और सामाजिक रूप से विकसित हो रहा है, वैसे-वैसे ऐसे प्रयासों की जरूरत और सराहना दोनों बढ़ रही है।





