आनंद किशोर
जमशेदपुर।
गालूडीह और इसके आस-पास के क्षेत्रों में इन दिनों भक्ति और आध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। गालूडीह स्थित सिद्ध पीठ माता वैष्णोदेवी धाम में आयोजित होने वाले चार दिवसीय भव्य धार्मिक महोत्सव की शानदार शुरुआत गुरुवार को एक विशाल कलश यात्रा के साथ हो गई। इस पावन आयोजन ने पूरे क्षेत्र के वातावरण को पूरी तरह से भक्तिमय बना दिया है। कलश यात्रा में श्रद्धालुओं का अपार उत्साह देखते ही बन रहा था, जहां हर कोई माता की भक्ति में लीन नजर आया। इस महायज्ञ और महोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उमंग है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बनकर पुण्य लाभ कमा रहे हैं।
गालूडीह में उमड़ा आस्था का विशाल सैलाब
महोत्सव के पहले दिन 18 अप्रैल को पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश यात्रा निकाली गई। यह कलश यात्रा बड़े ही धूमधाम और अपार श्रद्धा के साथ संपन्न हुई। इस यात्रा की सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं, युवतियों और छोटे-छोटे बच्चों ने बढ़-चढ़कर अपनी उत्साहपूर्ण भागीदारी दर्ज कराई। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने पूरे नियम, संयम और निष्ठा के साथ अपने सिर पर पवित्र जल से भरा कलश धारण किया। ढोल-नगाड़ों की थाप, देवी मां के भक्ति गीतों और ‘जय माता दी’ के गगनभेदी जयकारों के साथ यह यात्रा पूरे गालूडीह क्षेत्र का भ्रमण करते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंची। इस यात्रा ने पूरे आयोजन को एक नई ऊर्जा से भर दिया।
मूर्ति संस्कार और श्रीमद्भागवत गीता प्रवचन का होगा आयोजन
आयोजन समिति के अनुसार, इस चार दिवसीय महोत्सव के तहत धार्मिक कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला तैयार की गई है। कलश यात्रा के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद 19 और 20 अप्रैल की सुबह मंदिर परिसर में मूर्ति संस्कार, प्राण प्रतिष्ठा के प्रारंभिक अनुष्ठान और अन्य महत्वपूर्ण वैदिक कर्मकांड योग्य पुरोहितों द्वारा संपन्न कराए जाएंगे। वहीं, इन दोनों दिन शाम के समय श्रद्धालुओं के लिए श्रीमद्भागवत गीता सार प्रवचन का विशेष आयोजन किया गया है। इस ज्ञान यज्ञ में विद्वान वक्ता श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म, भक्ति और जीवन जीने के महत्वपूर्ण व गूढ़ सिद्धांतों से अवगत कराएंगे।
नीरज चंचल के भजनों से सजेगी माता की चौकी
महोत्सव में केवल अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि आस्था और संगीत का भी अद्भुत मेल देखने को मिलेगा। 20 अप्रैल की रात को मंदिर प्रांगण में एक विशाल “माता की चौकी” और जागरण सह भक्ति संध्या का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस भक्ति संध्या में सुप्रसिद्ध भजन गायक नीरज चंचल अपनी शानदार प्रस्तुति देंगे। उनके मधुर भजनों से पूरा वातावरण शिव और शक्ति की आराधना में डूब जाएगा। आयोजकों ने बताया कि इस जागरण में श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर होने का एक सुनहरा अवसर मिलेगा।
मूर्ति स्थापना और महाभंडारे के साथ होगा भव्य समापन
धार्मिक अनुष्ठानों के अंतिम दिन 21 अप्रैल को पूरे वैदिक रीति-रिवाज के साथ माता की नवनिर्मित मूर्ति की स्थापना की जाएगी। इसके बाद महाआरती और पूर्णाहुति होगी तथा अंत में एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया जाएगा। इस महाभंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर माता का पवित्र प्रसाद ग्रहण करेंगे। यह पूरा आयोजन न केवल सनातन धर्म की आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह गालूडीह समाज में आपसी एकता, भाईचारे, सकारात्मकता और सांस्कृतिक जागरूकता का भी एक मजबूत संदेश दे रहा है।






