जमशेदपुर । बिष्टुपुर स्थित माइकल जॉन ऑडिटोरियम में बुधवार को एक विशाल ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। केंद्र सरकार द्वारा पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कामकाजी और घरेलू महिलाओं को इस अधिनियम के तहत मिलने वाले लाभों और बारीकियों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जमशेदपुर के सांसद विद्युत महतो, जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू, झारखंड भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व सांसद गीता कोड़ा, पोटका की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा और महिला मोर्चा अध्यक्ष नीलू मछुआ ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों की महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की 33% भागीदारी से आएगा बदलाव
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद विद्युत वरण महतो ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने के लिए यह एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि 2014 में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को चरितार्थ करते हुए ही नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 में पास किया गया था। वर्तमान में संसद में महिलाओं की संख्या 13.63 फीसदी है, जो इस अधिनियम के लागू होने के बाद निश्चित रूप से 33 फीसदी हो जाएगी। इससे पूरे देश में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक परिवर्तन देखने को मिलेगा। महतो ने जानकारी दी कि इसे जल्द पारित कर लागू करने के लिए 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है। इसमें रोटेशन के आधार पर आरक्षित सीटें तय होंगी, जिसमें अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की महिलाओं के लिए भी आरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
बदलते और नए भारत के निर्माण की आधारशिला
जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह बिल पूरे देश की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर एक महिला आत्मनिर्भर बनती है, तो उसके साथ उसका पूरा परिवार, समाज और अंततः देश तरक्की करता है। यह केवल एक कानून नहीं है, बल्कि नए भारत के निर्माण की आधारशिला है। अब महिलाएं सिर्फ मतदाता तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि देश की नीतियां और भविष्य तय करने वाली प्रमुख शक्ति बनेंगी। वहीं, पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि इस अधिनियम से भारत अधिक समावेशी और संतुलित विकास की ओर बढ़ेगा। पहले महिलाओं को केवल वोट बैंक माना जाता था, लेकिन अब उन्हें उनका असली अधिकार मिला है। यह अधिनियम ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में निर्णायक साबित होगा।
नीति निर्माण में महिलाओं को मिलेगी सीधी भागीदारी
पोटका की पूर्व प्रत्याशी मीरा मुंडा ने इस अधिनियम को देश का भाग्य बदलने वाला कानून बताया। उन्होंने कहा कि सालों से संसद की दहलीज पर खड़ी भारत की बेटियों का इंतजार अब खत्म हुआ है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में नीति निर्माण में महिलाओं की सीधी भागीदारी होगी। कार्यक्रम के दौरान महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष नीलू मछुआ ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। मंच का संचालन जिला उपाध्यक्ष रूबी झा और धन्यवाद ज्ञापन जिला मंत्री रीना चौधरी ने किया। इस दौरान भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, कल्याणी शरण, कुसुम पूर्ति, नीरू सिंह, संध्या सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।






