
जमशेदपुर: गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में हुई डकैती की जांच अब उच्चस्तरीय स्तर पर पहुंच गई है। शुक्रवार को जोनल आईजी मनोज कौशिक और कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा जमशेदपुर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बैंक परिसर और आसपास के इलाके की भौगोलिक स्थिति, अपराधियों के संभावित प्रवेश और फरार होने के रास्तों की जानकारी ली।
इस दौरान जमशेदपुर एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब, ग्रामीण एसपी सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
20 सदस्यीय SIT का गठन, अपराधियों की गिरफ्तारी पर फोकस
जोनल आईजी मनोज कौशिक ने डकैती कांड के उद्भेदन के लिए 20 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। एसआईटी का नेतृत्व सिटी एसपी को सौंपा गया है।
पुलिस टीम को अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ लूटी गई नकदी व सोने की बरामदगी तथा पूरी वारदात के पीछे की साजिश का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों की जांच
जांच के दौरान बैंक परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अपराधियों के संभावित रूट, घटनास्थल तक पहुंचने और वारदात के बाद फरार होने के रास्तों की भी पड़ताल कर रही है।
इसके अलावा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस बैंक की सुरक्षा व्यवस्था, अलार्म सिस्टम और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों की भी जांच कर रही है।
क्या अपराधियों को बैंक की अंदरूनी जानकारी थी?
जांच में पुलिस इस पहलू को भी खंगाल रही है कि अपराधियों को बैंक के अंदर की व्यवस्था और सोना-नकदी रखे जाने वाले स्थान की जानकारी पहले से थी या बैंक में प्रवेश करने के बाद उन्होंने कर्मचारियों से यह जानकारी हासिल की।
इसके साथ ही घटना से पहले बैंक की रेकी किए जाने की संभावना की भी जांच की जा रही है। अपराधियों के आने-जाने के पूरे रूट को चिन्हित करना भी पुलिस की जांच का अहम हिस्सा है।
पांच अपराधियों ने की थी वारदात: SSP
जमशेदपुर एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब ने बताया कि पुलिस को मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही अपराधियों के स्केच जारी किए जाएंगे।
एसएसपी के अनुसार, वारदात में पांच अपराधी शामिल थे। पुलिस के मुताबिक, अपराधी बैंक से करीब 42 लाख रुपये नकद और लगभग 23 किलो सोना लूटकर फरार हुए हैं। पुलिस ने पांचों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम की घोषणा भी की है।
अब एसआईटी के सामने अपराधियों की पहचान, उनके संभावित ठिकानों का पता लगाने और लूटी गई संपत्ति की बरामदगी की चुनौती है। पुलिस CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

